सीहोर के विकास पर क्यों हंस रहे हो मुन्ना !
- सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर लोगों की राय खोल रही विकास की पोलसीहोर। सीहोर जिला मुख्यालय पर दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दल कांग्रेस और भाजपा ने पिछले कई सालों से विकास के बड़े-बड़े दावे किए हैं किसी ने कहा हमने शहर को रोजगार मुहैया कराया है तो किसी ने शहर को सुंदर और विकसित बनाने की बात कही है, लेकिन हकीकत उस मुन्ने की हंसी खोल रही है जिसको किसी ने कह दिया है कि सीहोर में विकास के मसीहा रहते हैं।
इन दिनों एक आम आदमी द्वारा सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर एक फोटो पोस्ट किया है जिसमें एक नन्हा सा बालक हंस रहा है उसके हंसी के पीछे की वजह भी इस फोटो के नीचे बताई गई है जिसमें यह लिखा गया है कि इसे
किसी ने बता दिया कि शहर में विकास के मसीहा रहते है इस फोटो के ठीक बगल में कीचड़ से सनी एक सड़क और
उसे पार करता एक व्यक्ति शहर की विकास की गाथा खुद ब खुद बया करने के लिए काफी है। हालांकि फोटो में क्या गलत कहा गया है। गौरतलब है कि शहर में विकास को लेकर सड़कें तो बनाई गई लेकिन स्थिति आज सबके सामने है। तीन-तीन माह पहले बनी सड़कें उधडऩे के बाद उनके साथ हुए अन्याय और गिट्टी और चुरी में हुए भ्रष्टाचार की गाथा खुद बयां कर रही है। चाहे प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र गणेश मंदिर मार्ग हो चाहे शहर की प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों पर चलने वाले मार्ग हो, गली मोहल्लों के मार्ग हो, झुग्गी बस्तियों तक पहुंचने वाले रास्ते हो सभी उधड़ चुके हैं। इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
दोनों राजनैतिक दलों पर उठती है उंगलियां
शहर के विकास को लेकर शहर की जनता ने शहर के विकास को लेकर कांग्रेस को कई सालों तक मौका दिया तो अब भाजपा पर भी विश्वास जताया, लेकिन जब विकास की बात आई तो दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों के नेताओं ने विकास के दावे तो किए लेकिन वादे आज भी जमीनी नहीं हो पाए और अब यदि मुन्ना इन मसीहाओं पर हंसता है तो क्या बुरा करता है।

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