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रविवार, 30 अक्टूबर 2011

पत्रकारों से भिड़े एडीशनल एसपी धक्का देने से नाराज हुए पत्रकार, सीएम के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला

सीहोर। बक्तरा में आयोजित अंत्योदय मेले में शुक्रवार को उस समय पत्रकार नाराज हो गये, जब उन्हें जिले के नंबर 2 के अधिकारी एडीशनल एसपी ने धक्के देने की कोशिश की, हालांकि मामला तूल पकड़ता जा रहा था लेकिन सीएम के हस्तक्षेप के बाद एडीशननल एसपी से नाराज पत्रकार मान गये और मामले का पटाक्षेप हो पाया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज चौहान बक्तरा में आयोजित अंत्योदय मेले में हिस्सा लेने आये थे। अंत्योदय मेले के दौरान स्थानीय पत्रकार भी आयोजन का कवरेज करने पहुंचे। इसी बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने बक्तरा के पत्रकारों को फोटो खींचने से मना किया और पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एडीशनल एसपी के इस र्दुव्यवहार से नाराज पत्रकारों ने आयोजन स्थल पर चिल्ला-चोंहट शुरू कर दी और आयोजन क बहिष्कार की चेतावनी दे डाली। यह बात जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के कानों तक पहुंची, उन्होंने एडीशनल एसपी के व्यवहार से नाराज पत्रकारों को मंच पर बुलाया और मामले का पटाक्षेप किया, मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने कहा कि आयोजन स्थल पर एडीशनल एसपी सुनील मेहता को हटाया जाये, जिसके बाद एडीशनल एसपी सुनील मेहता को आयोजन स्थल से हटाया भी गया।
एसपी से की शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत बक्तरा के स्थानीय पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक कुंजबिहारी शर्मा से की। प्रतियोत्तर में एसपी श्री शर्मा ने स्थानीय पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार का व्यवहार पत्रकारों के साथ नहीं किया जायेगा।
इनका कहना है
इस तरह का कोई भी मामला बक्तरा में आयोजित अंत्योदय मेले के दौरान नहीं हुआ है।
कुंजबिहारी शर्मा, एसपी सीहोर
बक्तरा में आयोजित अंत्योदय मेले के दौरान कुछेक पत्रकार डी में घुसकर फोटो खींचने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें मैंने सुरक्षा के मद्देनजर रोकने का प्रयास किया है, बाकि पत्रकारों से झड़प जैसा कुछ भी नहीं हुआ है।
सुनील मेहता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीहोर

शनिवार, 22 अक्टूबर 2011

२२०७०१ लगाएगा अपराधो पर लगाम

 जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सूचना तंत्र की स्थापना की है। इस सूचना तंत्र के माध्यम से जिले में बैठा आम और खास अब समाज में व्याप्त अपराधों की जानकारी एक फोन लगाकर पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा सकता है। इस प्रणाली के बाद यह तय है कि नवागत पुलिस अधीक्षक का यह प्रयास रंग दिखायेगा और जिले में बढ़ते अपराधों पर भी लगाम लगेगी।
गौरतलब है कि सीहोर जिले में पिछले महीनों में चोरी, डकैती और चैन स्नेचिंग जैसे बड़े अपराध घटित होना शुरू हो गये हैं लेकिन पुलिस के कमजोर खूफिया तंत्र के कारण अपराधी गिरफ्त से बाहर हो जाते हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखकर नवागत पुलिस अधीक्षक कुंजबिहारी शर्मा ने अब  जिले में लगाम कसने के लिए पुलिस के सूचना तंत्र को मजबू बनाने के उद्देश्य से एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है जहां पर जिले में घटित किसी भी बड़े या छोटे अपराध की जानकारी का सीधे फोन लगाकर पुलिस अधीक्षक तक पहुंंचाई जा सकती है और बढ़ते अपराधों पर लगाम कसी जा सकती है।
रंग लाएगी पहल
पिछले कुछ सालों से देखा जा रहा है कि जिले में पुलिस कासूचना तंत्र बड़ी तेजी से कमजोर होता जा रहा है। इस कमजोर सूचना तंत्र के कारण ही कई घटनाओं में पुलिस के हाथों संगीन अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हो गये हैं लेकिन शायद अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि अब एक आम आदमी बढ़ते अपराधों की सूचना जितनी आसानी से दे सकता है उसकी नब्ज टटोलकर पुलिस अधीक्षक कुंज बिहारी शर्मा ने सूचना तंत्र स्थापित कर नये फार्मूले की शुरूआत की है। इसके परिणाम भी आने वाले भविष्य में सार्थक होते दिखेंगे।
लापरवाह अधिकारियों की खैर नहीं
श्री शर्मा ने बातचीत में बताया कि सूचना तंत्र के माध्यम में जिले में बैठा एक आदमी पुलिस के व्यवहार एवं कार्यप्रणाली की जानकारी भी दूरभाष 07562-220701 पर स्थापित सूचना तंत्र पर दे सकता है। यह जानकारी सीधे उन तक पहुंचेगी और यदि जानकारी सही पाई गई और अधिकारी/पुलिसकर्मियों किसी भी मामले में संदिग्ध नजर आये तो उनको भी नहीं बख्शा जायेगा।

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011

सिलेंडर फटने से मकान में आग ,लाखो का नुकसान

शहर  के नेहरु कालोनी क्षेत्र में गैस सिलेंडर फट जाने से घर में रखे लाखो रुपए का समान जल कर खाक हो  गया





  जानकारी के अनुसार शहर के नेहरु कालोनी क्षेत्र में दोपहर करीब १२ बजे के आस पास अशोक शर्मा के मकान में आग लग गई ! बताया जा रहा की श्री शर्मा के परिजन दूध उबल रहे थे तभी अचानक गैस सिलेंडर में रिसाव शुरू हो गया और देखते ही देखते गैस सिलेंडर फट गया और आग पुरे  घर में फेल गई ! इस घटना में श्री शर्मा के घर में रखे टी.वी.,फ्रिज और लाखो रुपए का कीमती  समान जल कर खाक हो गया है !




दिया तले छा रहा अंधेरा ....

सीहोर। दीपावली पर्व पर लाखों दीपक का निर्माण कर लोगों के घरों में रोशनी फैलान वाले कुंभकार समाज के लोग खुद अंधेरे में जीवन यापन करने को विवश हैं। मिटटी को रोंदकर खूबसूरत आकार देने वाला कुंभकार समाज सदियों से मिटटी से ही रोजी रोटी कमा रहा है। युवा पीढ़ी ने पारंपरिक व्यवसाय को अलविदा कर अन्य काम धंधों को अपनाना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद मिटटी को आकार देने वाले समाज के उम्रदराज लोग आज भी अपने पुस्तैनी धंधे में लगे हुए हैैं। उनके इस एक मात्र धनोपार्जन जरिए को मोमबत्ती उद्योग और बिजली चलित झिलमिलाती झालरों ने खासा नुकसान पहुंचाया हैं। आधुनिक समय तथा शिक्षा के तेजी से बढ़ते प्रसार के उपरांत भी कुंभकार समाज के युवा शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़े हुए हैं। सरकार द्वारा समाज के उत्थान के लिए कोई कारगार योजना नहीं बनाने से और इसके विपरीत मिटटी खनन पर प्रतिबंध लगाने से समाज लगातार पीछे की और जा रहा है फिर भी गंज क्षेत्र स्थित कुम्हार मोहल्ले में रहने वाले उम्रदराज लोग दीपावली पर्व पर उत्साह से यहां दीपकों का निर्माण करते हैं। वहीं अपने करामाती हाथों से माता लक्ष्मी की प्रतिमा सहित आकर्षक खिलौने भी गड़ रहे हैैं और इस भारतीय संस्कृति को सहेजे हुए हैं।
क्या कहते हैैं कुम्हार
मिटटी के उत्पादों पर किसी की काली नजर लग गई है। जहां हम पहले दीपावली के सीजन में दस हजार के करीबन दिए बेच लेते थे वहीं अब यह संख्या पांच हजार पर ठहर गई है। इसके बाद भी लागत मूल्य भी निकालना मुश्किल हो रहा है। मिटटी पर भी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है और पचास रूपए भरास के भाव लेनी पड़ रही है और जलाऊ लकड़ी भी काफी महंगी हो गई है। सरकार द्वारा हमारे लिए कोई विशेष योजना नहीं चलाई जा रही है, जिस वजह से इस पुस्तैनी कार्य को नवयुवक छोड़ रहे हैैं।
मिश्रीलाल प्रजापति, दीपक निर्माता
 पिछले बीस सालों से दीपावली पर्व पर दीपक बना रहे हैैं। उनका कहना हैै कि जहां पहले एक लाख दीपकों का निर्माणकर बाहर भी भेजा जाता था वहीं अब शहर में दस हजार दीपक बेचना भी मुश्किल हो रहा है। मोमबत्ती उद्योग ने हमारे पारंपरिक मिटटी से निर्मित दीपकों को काफी नुकसान पहुंचाया है जिस वजह से आजीविका चलाना भी इस व्यवसाय से मुश्किल हो रहा है। हम दूसरे के घरों में रोशनी तो फैैला रहें है, लेकिन हम खुद रोशनी से महरूम हैं। एक दीपक निर्माण पर वर्तमान में बढ़ती महंगाई के कारण पचास पैसे का खर्च आ रहा है इसके बाद भी दीपकों को श्रद्घा के साथ भाव के भाव बेचा जा रहा है।
गंगाराम प्रजापति , दीपक निर्माता
आंखों में रोशनी नहीं है इसके बावजूद वह मिटटी को अपने हाथों से तराशकर आकर्षक रूप दे रहे हैैं उनका कहना है कि सरकार द्वारा किसी प्रकार की कोई मदद हमारे समाज के उत्थान के लिए नहीं दी जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सभी समाजों की पंचायतें बुलाई हैं लेकिन कुंभकार समाज को वह भूल गए हैं तो इधर बढ़ती महंगाई और प्लास्टिक के खिलौनो ने मिटटी के खिलौनों का वजूद की खत्म सा कर दिया है।
राधेश्याम प्रजापति, दीपक निर्माता
दीपक के कारोबार से केवल लागत ही निकल पाती है थोड़ा कुछ मिल जाए तो गनीमत है धीरे-धीरे हम लोग अब इस पारम्परिक कार्य से दूर होते जा रहे हैं क्योंकि लोग दीपक लेने की बजाए दीपावली के समय दूसरे आधुनिक संसाधन का उपयोग प्रकाश के लिए करने लगे है। वहीं सरकार की और से इस समाज की और ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रामप्रसाद प्रजापति

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

दो साल से बाल कल्याण जेल को जमीन की तलाश


   @अमित कुईया
सीहोर। बाल अपराधियों को समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए शासन की मंशा थी कि प्रत्येक जिले में संप्रेक्षण गृह यानि बाल कल्याण जेल का निर्माण किया जाये, जिससे कि यह बाल अपराधी एक स्वच्छ माहौल में रहकर नया जीवन शुरू कर  पिछले अपराधों से दूर हो सकें,लेकिन जमीं न मिलने के कारन शाशन की यह मंशा मुख्यालय पर दम तोडती दिख रही है !
बाल संप्रेक्षण गृह का निर्माण सीहोर जिला मुख्यालय पर भी होना था, जिसके लिए वर्ष 2009 में प्रशासकीय स्वीकृति भी शासन स्तर पर मिल गई और इस भवन के निर्माण के लिए उस वक्त करीब 20 लाख रूपये अनुमानित लागत आना थी  लेकिन इसे दुर्भाग्य कहें या सरकारी कामकाजों की लेटलतीफी कि दो साल बीत जाने के बाद भी संप्रेक्षण गृह के लिए प्रशासन जमीन भी उपलब्ध नहीं करवा पाया है, तो जाहिर है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना इसी तरह इधर से उधर झूलती रहेगी।
टेण्डर हुए काम नहीं
जमीन न मिलने के अभाव में बाल संप्रेक्षण गृह निर्माण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा टेण्डर भी जारी किये गये थे और इस जेल के निर्माण के लिए भी ठेकेदार की नियुक्ति भी हो गई थी, लेकिन जमीन न मिलने के अभाव में शासन की मंशा मुख्यालय पर दम तोड़ती नजर आ रहीहै।
जमीन नहीं मिलने पर वापिस होगी राशि
इधर जहां एक ओर शासन की मंशानुरूप बाल संप्रेक्षण गृह निर्माण के लिए ठोस प्रशासनिक पहल न होने के कारण जमीन आबंटन में लेट लतीफी बढ़ती गई वहीं गामीण यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का साफ  तौर पर कहना हो गया है कि जल्द ही शासन स्तर पर इस गृह निर्माण के लिए आबंटित राशि वापस की जायेगी, जिसके लिए प्रस्ताव भी बना लिया गया है, यदि ऐसा हुआ तोसरकारी कर्मचारियों की लेटलतीफी के चलते शासन की यह योजना एक बार फिर दम तोड़ देगी।
20 लाख की लागत 35 लाख पर पहुंची
बाल संप्रेक्षण गृह के लिए वर्ष 2009 में प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद विभागीय तौर पर 20 लाख की लागत अनुमानित होना बताई गईथी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे-वैसे बाल संप्रेक्षण  गृह निर्माण के लिए लागत भी बढ़कर दुगुनी होकर करीब 35 लाख पहुंच गई है, और यदि इसी तरह समय बीतता रहा तो जहां इसकी लागत आने वाले दिनों में बढ़ती चली जायेगी वहीं जमीन के अभाव में यह महत्वाकांक्षी योजना भी खटाई में पड़ जायेगी।
लिखे कई पत्र नतीजा सिफर
बाल संप्रेक्षण गृह निर्माण के लिए जमीन न मिलने को लेकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के विभागीय अधिकारियों ने कई बार प्रशासनिक स्तर पर पत्र लिखे हैं लेकिन हर बार या तो यह पत्र रद्दी की टोकरी में डाल दिये जाते हैं या फिर निर्माण के लिए जमीन के आबंटन की यह फाईल सरकारी दरबारी कार्यालय में इधर से उधर झूलती रहती है।
अब तक 14 स्थान चिन्हित
बाल संप्रेक्षण गृह निर्माण के लिए अब तक प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के विभागीय अधिकारियों को 1 दर्जन से ज्यादा स्थान उपलब्ध करवाये गये हंै लेकिन उक्त जेल के  लिए हर बार किन्ही-न-किन्हीं कारणों से यह स्थान भी विभाग को रास नहीं आये हैं।
इनका  कहना है
बाल संप्रेक्षण गृह निर्माण के लिए जमीन के आबंटन की बात सही है, जल्द ही बाल संप्रेक्षण गृह के लिए जमीन का आबंटन सुनिश्चित किया जायेगा।
डॉ.संजय गोयल, कलेक्टर सीहोर
जमीन न मिलने के कारण बाल संप्रेक्षण गृह के लिए आबंटित 30 लाख की राशि को वापिस करने का प्रस्ताव बना लिया गया है, क्योंकि प्रशासनिक स्तर पर जमीन आबंटित नहीं करवाई जा रही है।
अनिल शर्मा, उपयंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
बाल संप्रेक्षण गृह के लिए वर्ष 2009 में प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद भी अब तक इस दिशा में जमीन आबंटन को लेकर कोई ठोस कार्यवाही नहीं कीगई है जिसके चलते शासन की महत्वाकांक्षी योजना का परिपालन मुख्यालय पर नहीं हो पा रहा है।
पुरषोत्तम कुईया, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति
agnisehore@yahoo.co.in

सोनू शर्मा को मिला ब्लैक बेल्ट

सीहोर। मास्टर आफ ताओ एसोसिएशन आफ मार्शल आर्ट संस्था द्वारा ब्लैक बेल्ट परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा में नगर के प्रतिभाशाली कराते खिलाड़ी सोनू शर्मा ने बेसिक एक्साइज, पंच, किक और मार्शल आर्ट का जोरदार प्रदर्शन किया जिसके बल पर कराते खिलाड़ी शर्मा को ब्लैक बेल्ट प्राप्त हुआ।
मुख्य कोच लखन ठाकुर ने कहा कि हर कराते खिलाड़ी के लिए ब्लैक बेल्ट हासिल करना गौरव की बात है। श्री शर्मा की इस उपलब्धि पर अनेक लोगों ने बधाई दी है। बधाई देने वालों में विमला ठाकुर, रवि शर्मा, स्वराज कावरे, लाल सिंह, रोहित शर्मा, ओम प्रकाश और विमांशु शर्मा आदि शामिल है।

बदलेगी अंबेडकर पार्क की सूरत


सीहोर। गंज स्थित डॉ. अम्बेडकर पार्क की दशा शीघ्र ही सुधरने जा रही है। पार्क को सुसज्जित करने के लिए जल्द ही 10 लाख रूपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा। इसके लिए मंगलवार को नरेश मेवाड़ा ने पार्क परिसर का निरीक्षण कर नपा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
पिछले कई वर्षों से मुर्दी स्थित डॉ. आम्बेडकर पार्क उपेक्षा का शिकार रहा है, लेकिन गत वर्ष डॉ.बाबा साहिब भीमराव आम्बेडकर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक रमेश सक्सेना एवं नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा द्वारा डॉ. अम्बेडकर पार्क में निर्माण कार्य कराकर पार्क को सुसज्जित करने की घोषणा की थी। जिससे इसके संवरने की उम्मीदें जागी हे।  नेतृत्व में प्रदेशाध्यक्ष भूरिया का स्वागत

कटारे के नेतृत्व में प्रदेशाध्यक्ष भूरिया का स्वागत

सीहोर। भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री व म.प्र.कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के इंदौर से भोपाल जाते समय सीहोर बायपास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलेश कटारे के नेतृत्व में श्री भूरिया को पुष्पमाला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर इंजीनियर मूलचंद राठौर, ओमप्रकाश राठौर, भगतसिंह तोमर, आशीष गुप्ता, मनोज विश्वकर्मा, सोहल खान, निलेशजैन, रमेश मेवाड़ा, महेन्द्रसिंह सहित बड़ी संख्यामें कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

दो दिन बरसेगा धन

सीहोर। खरीददारी का महापर्व धनतेरस इस बार  दो दिन मनाया जाजएगा दोनों ही दिन खरीदी के लिए उत्तर योग है। ऐसा संयोग नौ साल बाद मना है जिसके चलते 24 एवं 25 अक्टूबर को धनतेरस का पर्व रहेगा।
उल्लेखनीय है कि दीप उत्सव का शुभारंभ धनतेरस  से  ही माना जाता है। धनतेरस को दीपदान करने एवं भगवान धनवंतरी मनाने की परम्परा है लेकिन इस बार गृह नक्षत्रों की चाल कुछ इस प्रकार बनी है कि धनतेरस पर्व दो दिन का होगा। ज्योतिषों का मानना है कि 24 अक्टूबर को धनतेरस के निर्मित दीपदान किया जाएगा जबकि 25 अक्टूबर को धनतेरस और रूप चौदस मनाई जाएगी। यह दोनों  ही दिन खरीददारी के  लिए श्रेष्ठ माने जा रहे हैं।
इस संबंध में अंक ज्योतिष पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि 24 अक्टूबर को सूर्य स्वाति नक्षत्र में जाएगा इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र भी रहेगा। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र 25 अक्टूबर को तड़के 3.44 बजे तक रहेगा जिसके  बाद हस्त नक्षत्र शुरु होगा। शास्त्रों में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में मांगलिक कार्य व खरीददारी करना श्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर को धनतेरस दोपहर 12.33 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 9.30 बजे तक रहेगा। दीपदान शाम को त्रयोदशी व प्रदोषकाल में किया जाता है और धनवंतरी जयंती उदीयात  तिथि में त्रयोदशी  होने पर मनाई जाती है इसलिए 24 अक्टूबर को शाम को त्रयोदशी होने पर दीपदान किया जाएगा और 25 अक्टूबर को सूर्य उदय होने के समय त्रयोदशी धनवंतरी जयंती मनाई जाएग। रूपचतुर्दशी भी  25 अक्टूबर को ही  मनाई जाएगी।

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2011

नोटों से भरा बैग उड़ाने वाले पकडाए


पुलिस ने 13 सितम्बर को बैंक ऑफ  इंडिया की सीहोर शाखा से नोटो से भरा बेग उड़ा ले जाने वाले दो बाल अपराधियों का सुराग लगाकर उनके घर से 3 लाख 20 हजार रूपये बरामद कर लिए है. साथ ही 4 अक्टूबर को एटीएम से नपा कर्मचारी के चार हजार रूपये निकालने वाले आरोपी को गिरफ ्तार करने के साथ ही एक ऐसे आरोपी को भी गिरफ्तार किया हैै. जो पोकलिन मशीन से सात लाख रूपये मूल्य के उपकरण चुराता था.
कोतवाली पुलिस ने हाल ही में सेवा निवृत्त हुुए तत्कालीन एसपी केडी पराशर के निर्देशन पर एसडीओपी यागेशवर शर्मा नगर निरीक्षक सतीश महलवाला के मार्ग दर्शन में पुलिस ने  13 सितम्बर को व्यापारी तलवार ब्रदर्स के मुनीम से  बैंक ऑफ इंडिया सीहोर से तीन लाख 39 हजार रूपये से  भरा नोटो क बेग लेकर चम्पत हो जाने वाले आरोपियों की तलाश कर उनके कब्जे से तीन लाख  20 हजार रूपया जब्त कर लिया हैै. यह रूपया पुलिस नेे पचौर जिला राजगढ़ के ग्राम कडिय़ा सिसोदिया से आरोपी के घर से जमीन में गड़ा हुआ बरामद किया हैै. आरोपी सांसी जाति के बाल अपराधी हैै जो पूर्व में ही इस तरह की अनेक घटनाओं कों अंंजाम दे चुके हैै.
एटीएम से रूपये चुराने वाला युवक गिरफ्तार
 4 अक्टूबर को कै नरा बैंक सीहोर  के एटीएम से नपा कर्मचारी रमेश चोधरी के 4 हजार रूपये निकालनें वाले युवक को पुलिस ने खोज निकाला हैै. यह युवक सत्यसांई कॉलेज  में होटल मेनेंजमेंट का छात्र ग्राम भटोनी निवासी विक्रम आ. बाबूलाल मेवाड़ा हैै. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 4 हजार रूपये भी बरामद कर लिए हैै.

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2011

51 फिट के रावण का वध करेंगे राम


सीहोर। छावनी दशहरा उत्सव समिति के तत्वाधान में आज रात आठ बजे असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक रावण और मेघनाथ का दहन कलेक्ट्रेट बाल विहार मैदान में किया जाएगा।
समिति के प्रवक्ता ने बताया कि समिति द्वारा सभी तैयारियां कर ली गई है। आज 51 फीट रावण और मेघनाथ का दहन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, अध्यक्षता नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और विशेष अतिथि के रूप में पूर्व विधायक मदन लाल त्यागी, विष्णुदत्त सोनी, ओमदीप, अखिलेश राय, अंबर नारंग, जमना प्रसाद ताम्रकार, हरीश अग्रवाल, गिरधर कुईया, पंडित प्रदीप मिश्रा और रुक्मणी रोहिला मौजूद रहेंगे। श्री दीक्षित ने बताया कि रात सात बजे रावण दहन से पहले प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
मंच से सम्मानित होने वालों में वरिष्ठ पत्रकार बलजीत सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक शंकर लाल साबू, अमिता अरोरा, श्री किशन मुनीम, डॉ. अनिल शर्मा, डॉ.व्हीके चतुर्वेदी, रुकमणी अग्रवाल, डॉ.श्रीमती कुरैशी, सीमा धाड़ी, रामनारायण ताम्रकार, बोहरा समाज के धर्म गुरु, मुस्लिम समाज के वरिष्ठ धर्म गुरु, सिख समाज के धर्म गुरू, सिख समाज के धर्म गुरू, यादव समाज के पूर्व अध्यक्ष ओम यादव, हरि हर दास महाराज, पूर्व पार्षद पायल, ओम दीप आदि शामिल है। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पवन राठौर, अनिल पारे, विमल जैन और आशीष गुप्ता आदि ने क्षेत्रवासियों से आने की अपील की है।

रविवार, 2 अक्टूबर 2011

पुलिस महकमें में इमांदार अधिकरीयों की जरूरत :एस. पी

अमित कुईया
सीहोर। अपनी इमानदार छवि के  रूप में पहचाने जाने वाले आइपीएस अधिकारी और सीहोर पुलिस अधिक्षक ·के.डी पाराशर आज सेवा निवृत होने जा रहै है इस दौरान  श्री पाराशर के  सीहोर में बिताये गये दो सालो के  दौरान कुछ अनछुए पहलुओं को  जानने की  कोशिश की  तो उन्होने संवाददाता के सामने बेहिचक  और पुरी बेबाकी से पुलिस महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार को  लेकर पीड़ा जताई साथ ही उन्होने पिछले दो सालों में जिले में घटित कुछ एक अपराधों को  याद करते हुए यह भी कहा की   मेरे कार्यकाल  में इन अपराधों का  खुलासा ना हो पाना जीवन भर सालता रहेगा।
  हमेशा बेबाकी  से अपनी बात रखने वाले इमानदार छवि के  रूप मे पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक  के .डी पारासर आज भले ही सेवा निवृत हो रहे है।संवाददाता ने उनकी  सेवा निवृती के  पुर्व  दौ टुक बातचित की  तो उन्होने भी दो टुक  लहजे में ही हर बात का  जवाब  दिया।
सवाल : बतौर पुलिस अधिक्षक  के  पद पर दो साल के  खटटे-मीठे अनुभव क्या रहै?
  जवाब: मेने अपराधिक  गतिविधीयों को  रोकने के  लगातार प्रयास कीये लेकीन कुछ निचले अधिका रीयों के सुस्त रवैये के कारण अपराधों में वृद्धी हुई और जब मेने निचले स्तर पर पुलिस कर्मीयों को  भष्ट आचरण को सुधारने की कोशीश की  तो में कुछ हद तक  तो में इसे रोक  पाया लेकीन पुलिस में व्यप्त भ्रष्टाचार को रोकने में पुरी तरह कामयाब नही हो सका !
सवाल: आपके कार्यकाल का  ऐसा कोन सा अपराध है जिसका  खुलासा अब तक  नही हो पाया है? और जो आपको कसक  देता है?
   जवाब: इसांत हत्याकांड  और  पिछले दिनोंं हुई डकेती ऐसे अपराध है इन अपराधों का  खुलासा करने के लिये मेरे द्वारा सौ प्रतिशत को शिश की  गई लेकी न निचले कमर्चारीयों के  असहयोग के कारण इन अपराधों से पर्दा नही हट पाया है। इसांत हत्याकांड का खुलासा नही हो पाना सीने में उठती एक  कसक · जैसा है जो में जिन्दगी भर नही भुल पाउगां ।
सवाल: सेवानिवृती के  बाद आपका  अगला पड़ाव क्या होगा?
  जवाब: सामाजिक क्षेत्र में जाना चाहुगां आर्थिक  तौर पर तो में सक्षम नही हु लेकीन सामाजीक  क्षैत्र में जितना बन पड़ेगा उतना सहयोग देता रहुगां।
सवाल: सेवानिवृती के बाद कहा जायेगें?
जवाब: में मुलत: मुरेना का  रहने वाला हु लेकीन बाकी का  समय ग्वालियर में गुजारूगां ।
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