अमित कुईया
सीहोर। अपनी इमानदार छवि के रूप में पहचाने जाने वाले आइपीएस अधिकारी और सीहोर पुलिस अधिक्षक ·के.डी पाराशर आज सेवा निवृत होने जा रहै है इस दौरान श्री पाराशर के सीहोर में बिताये गये दो सालो के दौरान कुछ अनछुए पहलुओं को जानने की कोशिश की तो उन्होने संवाददाता के सामने बेहिचक और पुरी बेबाकी से पुलिस महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर पीड़ा जताई साथ ही उन्होने पिछले दो सालों में जिले में घटित कुछ एक अपराधों को याद करते हुए यह भी कहा की मेरे कार्यकाल में इन अपराधों का खुलासा ना हो पाना जीवन भर सालता रहेगा।
हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखने वाले इमानदार छवि के रूप मे पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक के .डी पारासर आज भले ही सेवा निवृत हो रहे है।संवाददाता ने उनकी सेवा निवृती के पुर्व दौ टुक बातचित की तो उन्होने भी दो टुक लहजे में ही हर बात का जवाब दिया।
सवाल : बतौर पुलिस अधिक्षक के पद पर दो साल के खटटे-मीठे अनुभव क्या रहै?
जवाब: मेने अपराधिक गतिविधीयों को रोकने के लगातार प्रयास कीये लेकीन कुछ निचले अधिका रीयों के सुस्त रवैये के कारण अपराधों में वृद्धी हुई और जब मेने निचले स्तर पर पुलिस कर्मीयों को भष्ट आचरण को सुधारने की कोशीश की तो में कुछ हद तक तो में इसे रोक पाया लेकीन पुलिस में व्यप्त भ्रष्टाचार को रोकने में पुरी तरह कामयाब नही हो सका !
सवाल: आपके कार्यकाल का ऐसा कोन सा अपराध है जिसका खुलासा अब तक नही हो पाया है? और जो आपको कसक देता है?
जवाब: इसांत हत्याकांड और पिछले दिनोंं हुई डकेती ऐसे अपराध है इन अपराधों का खुलासा करने के लिये मेरे द्वारा सौ प्रतिशत को शिश की गई लेकी न निचले कमर्चारीयों के असहयोग के कारण इन अपराधों से पर्दा नही हट पाया है। इसांत हत्याकांड का खुलासा नही हो पाना सीने में उठती एक कसक · जैसा है जो में जिन्दगी भर नही भुल पाउगां ।
सवाल: सेवानिवृती के बाद आपका अगला पड़ाव क्या होगा?
जवाब: सामाजिक क्षेत्र में जाना चाहुगां आर्थिक तौर पर तो में सक्षम नही हु लेकीन सामाजीक क्षैत्र में जितना बन पड़ेगा उतना सहयोग देता रहुगां।
सवाल: सेवानिवृती के बाद कहा जायेगें?
जवाब: में मुलत: मुरेना का रहने वाला हु लेकीन बाकी का समय ग्वालियर में गुजारूगां ।
०००००००००
सीहोर। अपनी इमानदार छवि के रूप में पहचाने जाने वाले आइपीएस अधिकारी और सीहोर पुलिस अधिक्षक ·के.डी पाराशर आज सेवा निवृत होने जा रहै है इस दौरान श्री पाराशर के सीहोर में बिताये गये दो सालो के दौरान कुछ अनछुए पहलुओं को जानने की कोशिश की तो उन्होने संवाददाता के सामने बेहिचक और पुरी बेबाकी से पुलिस महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर पीड़ा जताई साथ ही उन्होने पिछले दो सालों में जिले में घटित कुछ एक अपराधों को याद करते हुए यह भी कहा की मेरे कार्यकाल में इन अपराधों का खुलासा ना हो पाना जीवन भर सालता रहेगा।
हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखने वाले इमानदार छवि के रूप मे पहचाने जाने वाले पुलिस अधीक्षक के .डी पारासर आज भले ही सेवा निवृत हो रहे है।संवाददाता ने उनकी सेवा निवृती के पुर्व दौ टुक बातचित की तो उन्होने भी दो टुक लहजे में ही हर बात का जवाब दिया।
सवाल : बतौर पुलिस अधिक्षक के पद पर दो साल के खटटे-मीठे अनुभव क्या रहै?
जवाब: मेने अपराधिक गतिविधीयों को रोकने के लगातार प्रयास कीये लेकीन कुछ निचले अधिका रीयों के सुस्त रवैये के कारण अपराधों में वृद्धी हुई और जब मेने निचले स्तर पर पुलिस कर्मीयों को भष्ट आचरण को सुधारने की कोशीश की तो में कुछ हद तक तो में इसे रोक पाया लेकीन पुलिस में व्यप्त भ्रष्टाचार को रोकने में पुरी तरह कामयाब नही हो सका !
सवाल: आपके कार्यकाल का ऐसा कोन सा अपराध है जिसका खुलासा अब तक नही हो पाया है? और जो आपको कसक देता है?
जवाब: इसांत हत्याकांड और पिछले दिनोंं हुई डकेती ऐसे अपराध है इन अपराधों का खुलासा करने के लिये मेरे द्वारा सौ प्रतिशत को शिश की गई लेकी न निचले कमर्चारीयों के असहयोग के कारण इन अपराधों से पर्दा नही हट पाया है। इसांत हत्याकांड का खुलासा नही हो पाना सीने में उठती एक कसक · जैसा है जो में जिन्दगी भर नही भुल पाउगां ।
सवाल: सेवानिवृती के बाद आपका अगला पड़ाव क्या होगा?
जवाब: सामाजिक क्षेत्र में जाना चाहुगां आर्थिक तौर पर तो में सक्षम नही हु लेकीन सामाजीक क्षैत्र में जितना बन पड़ेगा उतना सहयोग देता रहुगां।
सवाल: सेवानिवृती के बाद कहा जायेगें?
जवाब: में मुलत: मुरेना का रहने वाला हु लेकीन बाकी का समय ग्वालियर में गुजारूगां ।
०००००००००

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें