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सोमवार, 28 नवंबर 2011

अधिकारियों से ऑन लाईन रुबरु हुए डीएम

सीहोर। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से सीधे चर्चा की और शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी अहम योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि एमपी स्वॉन के माध्यम से जिले की सीहोर, आष्टा, इछावर, बुधनी और नसरूल्लागंज तहसील जिला मुख्यालय से ऑन लाइन नेटवर्किंग से जुड़ गई हैं।
तो प्राचार्य निलंबित होगा
कलेक्टर डॉ. गोयल ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की सतत रूप से मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। एसडीएम बुधनी जे.पी.सचान द्वारा यह बताए जाने पर कि होलीपुरा स्कूल के निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर शिक्षक को बेबसाइड की ऑनलाइन जानकारी में उपस्थित दर्शाया गया। कलेक्टर ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही करने का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जानकारी यदि गलत पाई जाती है तो संबंधित प्राचार्य को दोषी मानकर उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अतिथि शिक्षकों की अनुपस्थिति की भी ऑनलाइन एन्ट्री की जाए। साथ ही गेस्ट टीचर का वेतन कोषालय द्वारा पोर्टल से आहरित हो रहा अथवा नहीं इसकी जांच की जाए।

एक दर्जन लठेत पहुंचे अस्पताल


सीहोर। जिला अस्पताल में उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक दर्जन से अधिक बेलदार अस्पताल जा पहुंचे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा पुलिस बल ने इन बेलदारों को खदेड़ा और कुछ को गिरफ्तार कर लिया। करीब आधे घंटे बाद अस्पताल मेंं स्थिति सामान्य हुई तब कही जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली।
       पुलिस के मुताबिक ग्राम खोकरी रविवार की रात बेलदारों के दो परिवार में विवाद हो गया जिसमें अनेक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है तथा उनके परिजन यहीं बने हुए हैं। इन्हीं को पीटने के लिए बेलदारों का एक पक्ष लठों से लेस होकर अस्पताल जा पहुंचा। एक दर्जन से अधिक लठेतों को देखकर अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। इसकी सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लाठी बरसाकर बेलदारों को खदेड़ा। पुलिस और बेलदारों के आमने-सामने होने पर इनमें से कुछ की गिर तारी पुलिस ने की जबकि शेष भाग निकले। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार लोगों की जांच में जुट गई है। इनके ग्राम में भी पुलिस नजर जमाए हुए हैं।

सेंटर के झमेले में उलझे कालेज के विद्यार्थी




फर्से पर बैठकर परीक्षा देते छात्र
प्राचार्य को समस्या से अवगत करते ए.बी वी.पी नेता
सीहोर। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किस तरह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इस बात का अंदाजा सोमवार को उस समय लगा जब 200 से अधिक छात्र-छात्राएं 2 बजे हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन जब उन्हें अचानक बताया गया कि उनका सेंटर पीजी कॉलेज न होकर स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज है। आनन-फानन में यह छात्र अपना भविष्य बनाने के जैसे-तैसे प्रायवेट कॉलेज पहुंचे और करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा में सम्मिलित हो सके।
गौरतलब है कि इन दिनों शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इसी के तहत सोमवार को बीएससी रसायन शास्त्र के प्रथम सेमेस्टर एवं ऐटीकेटी  की परीक्षाएं आयोजित होना थीं, इसके लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा अपनी व्यवस्था के अनुसार 1200 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यूनिवर्सिटी की लापरवाही से करीब 250 छात्र हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने जा पहुंचे, जिन्हें देखकर कॉलेज प्रबंधन भी सकते में आ गया।  और तत्काल स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज को सेंटर बनाया गया, लेकिन बाहर से परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं को इन दोनों ही कॉलेजों का पता मालुम न था, जिस कारण वह करीब 1 घंटे की देरी से परीक्षा हाल में पहुंचे और परीक्षा में भाग ले सके। 
200 से अधिक पेपर की फोटोकापी
जहां एक ओर यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों को भेजे गये प्रवेश पत्र में परीक्षा सेंटर गलत बताया गया, वहीं परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से प्रश्न पत्र भी नहीं पहुंचाये गये। हालात यह रहे कि जिस प्रश्न पत्र के लिफाफे पर प्रश्न पत्र की संख्या 100 अंकित थी उसमें मात्र 40 प्रश्न पत्र ही निकले, जिस कारण मजबूरी में 200 से अधिक प्रश्न पत्रों की फोटोकापी कराकर परीक्षार्थियों को हल करने के लिए दी गई।
जमीन पर बैठकर दी परीक्षा
सोमवार को पीजी कॉलेज में आयोजित परीक्षा के दौरान संख्या से अधिक छात्र-छात्राओं के पहुंचने के कारण अव्यवस्था का आलम निर्मित हो गया, हालात यह रहे कि जहां परीक्षार्थियों ने लाईब्रेरी और लेब में बैठकर अपने प्रश्न पत्र हल किये, वहीं कई छात्र-छात्राओं को बरामदे में नीचे बैठकर प्रश्न पत्र हल करने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिये गये गलत सेंटर के कारण वह मानसिक रूप से प्रताडि़त होते हुए देखे गये। हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए पूरे 3 घंटे का समय दिया गया, जिस कारण बाहर के छात्रों को सीहोर में ही रात्रि विश्राम करते हुए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में नगर अध्यक्ष अमित राठौर, नगर मंत्री निखिल कुईया, रिक्की भारती, सीमा धाड़ी, पिंटू प्रजापति, प्रिंस यादव, विपिन जैन एवं कुलदीप सिंह सीहोर। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किस तरह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इस बात का अंदाजा सोमवार को उस समय लगा जब 200 से अधिक छात्र-छात्राएं 2 बजे हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन जब उन्हें अचानक बताया गया कि उनका सेंटर पीजी कॉलेज न होकर स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज है। आनन-फानन में यह छात्र अपना भविष्य बनाने के जैसे-तैसे प्रायवेट कॉलेज पहुंचे और करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा में सम्मिलित हो सके।
गौरतलब है कि इन दिनों शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इसी के तहत सोमवार को बीएससी रसायन शास्त्र के प्रथम सेमेस्टर एवं ऐटीकेटी  की परीक्षाएं आयोजित होना थीं, इसके लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा अपनी व्यवस्था के अनुसार 1200 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यूनिवर्सिटी की लापरवाही से करीब 250 छात्र हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने जा पहुंचे, जिन्हें देखकर कॉलेज प्रबंधन भी सकते में आ गया।  और तत्काल स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज को सेंटर बनाया गया, लेकिन बाहर से परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं को इन दोनों ही कॉलेजों का पता मालुम न था, जिस कारण वह करीब 1 घंटे की देरी से परीक्षा हाल में पहुंचे और परीक्षा में भाग ले सके। 
200 से अधिक पेपर की फोटोकापी
जहां एक ओर यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों को भेजे गये प्रवेश पत्र में परीक्षा सेंटर गलत बताया गया, वहीं परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से प्रश्न पत्र भी नहीं पहुंचाये गये। हालात यह रहे कि जिस प्रश्न पत्र के लिफाफे पर प्रश्न पत्र की संख्या 100 अंकित थी उसमें मात्र 40 प्रश्न पत्र ही निकले, जिस कारण मजबूरी में 200 से अधिक प्रश्न पत्रों की फोटोकापी कराकर परीक्षार्थियों को हल करने के लिए दी गई।
जमीन पर बैठकर दी परीक्षा
सोमवार को पीजी कॉलेज में आयोजित परीक्षा के दौरान संख्या से अधिक छात्र-छात्राओं के पहुंचने के कारण अव्यवस्था का आलम निर्मित हो गया, हालात यह रहे कि जहां परीक्षार्थियों ने लाईब्रेरी और लेब में बैठकर अपने प्रश्न पत्र हल किये, वहीं कई छात्र-छात्राओं को बरामदे में नीचे बैठकर प्रश्न पत्र हल करने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिये गये गलत सेंटर के कारण वह मानसिक रूप से प्रताडि़त होते हुए देखे गये। हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए पूरे 3 घंटे का समय दिया गया, जिस कारण बाहर के छात्रों को सीहोर में ही रात्रि विश्राम करते हुए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में नगर अध्यक्ष अमित राठौर, नगर मंत्री निखिल कुईया, रिक्की भारती, सीमा धाड़ी, पिंटू प्रजापति, प्रिंस यादव, विपिन जैन एवं कुलदीप सिंह ने प्र्चार्ये को अवगत कर दिया

रविवार, 27 नवंबर 2011

काका की धमकी में दिखा दम

पत्रकारों को सम्भोधित करते नुए विधायक एवं
गुरूवार को नागरिक बंैक अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका की पत्रकारवार्ता में जनप्रतिनिधियों को जगाने और विकास न होने पर आंदोलन करने की धमकी का असर रविवार को नपाध्यक्ष की पत्रकारवार्ता में साफ देखने में आया और नपाध्यक्ष ने प्रेस में दिये गये बयान में आखिर कहा कि एक माह में शहर में विकास कार्य शुरू हो जायेंगे। अब देखना यह है कि नपाध्यक्ष द्वारा  एक माह में किये गये विकास के दावे जमीनी होते हैं या फिर भाजपा नेता प्रकाश व्यास की धमकी आंदोलन में बदलती है।
 गौरतलब है कि सीहोर की राजनीति में शहर के विकास को लेकर पिछले तीन दिनों से गर्मी पैदा हो गई है। सबसे पहले पत्रकारों के सामने विकास कार्य में बरती जा रही लापरवाही को लेकर नागरिक बैंक अध्यक्ष प्रकाश व्यास ने चेताया था कि शहर में नपा द्वारा विकास के नाम पर पिछले लम्बे समय में कुछ भी नहीं किया गया है और फिर भी यदि जनप्रतिनिधि विकास को लेकर अपनी सोच विकसित नहीं करते हैं तो सड़कों पर उतरकर धरना आंदोलन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के घेराव किये जायेंगे।
एक माह में शुरू होंगे विकास कार्य:मेवाड़ा
रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने चर्चा करते हुए कहा कि शहर के विकास तथा सौंदर्यीकरण को लेकर कार्य योजना बना ली गई है। उन्होंने कहा कि मैंने 28 जनवरी को कार्यभार संभाला है और संभालते ही भीषण पेय जल संकट से निपटने की जिम्मेदारी आ गई। फरवरी से लेकर जुलाई तक का समय जल संकट के दौरान हर प्रकार से जल प्रदाय को सुचारू बनाने में निकल गया, क्योंकि वह उस समय की प्राथमिकता थी, जिसके चलते उसके अलावा कुछ और सोचने का समय ही नहीं था। उन्होंने कहा कि मुझे कार्यभार संभाले हुए 9 माह ही हुए हैं और 6 माह का समय जल संकट से निपटने में ही चला गया।
मुझे समय दीजिये, खरा उतरूंगा
आयोजित पत्रकारवार्ता में नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अपील की कि मुझे समय तो दीजिये, यदि आप समय देते हैं तो मैं विश्वास पर खरा उतरूंगा। और यदि मैं आपके विश्वास पर खरा नहीं उतरा तो मैं आपका अपराधी हॅूं। उन्होंने कहा कि मेरे मन में भी शहर को लेकर चिंता है। अपने शहर को लेकर मेरे भी सपने हैं, लेकिन योजनायें बनवाने में समय लगता है, जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हो जायेगी, विकास कार्य जल्द ही शुरू हो सकेेंगे।
पांच साल नहीं दो साल में देना है जवाब
आयोजित पत्रकारवार्ता में श्री मेवाड़ा ने कहा कि मैं पांच साल की बात नहीं करता। मुझे दो साल बाद ही अपनी पार्टी के लिए वोट मांगने के लिए जनता के सामने जाना है, इसलिए मैं जनता को इन दो सालों में विकास कार्य करके दिखाऊंगा।
15 दिनों में शुरू होगा सौंदर्यीकरण
श्री मेवाड़ा ने प्रेसनोट के माध्यम से यह बताया कि 15 दिनों में ही कुछ काम शुरू होने जा रहे हैं जिनमें सिटी पोस्ट आफिस तथा गांधी रोड की पीछे वाली गली के टायलेट और कोतवाली चौराहा, सीहोर टॉकिज चौराहा तथा प्रियदर्शनी चौराहे का सौंदर्यीकरण शामिल हैं।
यह वह काम हैं जो 15 दिनों शुरू हो जायेंगे, साथ ही कितने ही दिनों में शहर के कहीं मार्गों के नवीनीकरण का कार्य शुरू हो जायेगा। इनमें वह सब सड़कें शामिल हैं जो खस्ताहाल हैं।
सुधरेगा बस स्टेण्ड मार्ग
शहर के सबसे खस्ताहाल आनंद डेयरी से बस स्टेण्ड को जोडऩे वाले सड़क निर्माण को लेकर नपाध्यक्ष श्री मेवाड़ा ने कहा कि इस सड़क के निर्माण में कुछ कारणों के चलते निर्माण कार्य बीच में ही रूक गया है हम प्राथमिकता के आधार पर उस सड़क की समस्या को हल करने में जुटे अब हम लगभग उस समस्या को हल करने की स्थिति में ही हैं बहुत जल्द ही इस सड़क का निर्माण कार्य पुन: प्रारंभ हो जायेगा।
नपा ने किया जन विश्वास पैदा
नपाध्यक्ष श्री मेवाड़ा ने कहा कि नगरपालिका के प्रति जनता का विश्वास लगभग खत्म सा हो गया था, इसी के चलते हमने जनता का विश्वास इस संस्था में फिर से पैदा करने के लिए जन सुनवाई जैसा कार्यक्रम शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम जनता की समस्याओं को मौके पर जल करना एवं नपा से भ्रष्टाचार दूर कर रहे हैं।

ऑफिस पहुचो वरना बजेंगे ढोल


 
सीहोर । नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रकाश व्यास काका ने शहर में लापरवाह तथा उदासीन अधिकारियों के खिलाफ सोमवार से अपना आंदोलन प्रारंभ करने की घोषणा की है । अभियान के पहले चरण में शहर के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में अनुपस्थित अधिकारियों के कार्यालयों में ढोल बजाए जाएंगे ।
श्री व्यास ने एक विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि युवक काँग्रेस नेता श्री राजकुमार जायसवाल तथा एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्री राजीव गुजराती ने जिस प्रकार अभियान को समर्थन देने की बात कही है वे उसका स्वागत करते हैं, उनका उद्देश्य भी शहर की युवा शक्ति को जागृत करना है।  ये पूरी तरह से गैर राजनैतिक अभियान है, इसको किसी भी राजनैतिक दल से जोड़कर न देखा जाये ये अभियान शहर के हित में है और जो भी शहर हित में साथ आना चाहे उसका स्वागत है ।  श्री व्यास ने कहा कि न तो उन्हें किसी प्रकार के मान समान की चाह है और न नेतृत्व की इच्छा है, युवा शक्ति इस अभियान से जुड़े और वे केवल सलाहकार के रूप में युवा शक्ति का मार्गदर्शन करना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि अभी अभियान के पहले चरण में 28 नवंबर सोमवार की सुबह साढ़े दस बजे आकस्मिक रूप से शहर के किसी भी सरकारी कार्यालय में युवा शक्ति के साथ जाकर ये देखा जायेगा कि अधिकारी सुबह साढ़े दस बजे आफिस आ गये हैं अथवा नहीं । यदि कार्यालय में अधिकारी उपस्थित मिले तो पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया जायेगा । यदि अधिकारी अनुपस्थित मिलते हैं तो कार्यालय परिसर में ढोल बजा कर विरोध व्यक्त किया जायेगा । यदि कोई अधिकारी अवकाश पर है अथवा शासकीय कार्य से बाहर है तो कार्यालय में इस प्रकार की सूचना लगी होनी चाहिये ।

शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

मंत्री ने की घायलों से मुलाकात


सेहोरे जिले में कल गुरुवार को  दो बड़े सड़क हादसे घटित हुए थे जिनमे पांच लोगो की जान चली गई वही ३६ लोग घायल हुए !इन्ही घायलों से मिलने  आज शुक्रवार देर शाम प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह  वर्मा सेहोरे जिला अस्पताल पहुचे और घायलों के हालचाल जाने तथा स्वास्थ्य विभाग   को इनके उचित इलाज के निर्देश दिए !

दो आदतन अपराधी जिला बदर

    सीहोर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने दो आदतन अपराधियों को छ: माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
    कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने पुलिस अधीक्षक सीहोर से प्राप्त प्रतिवेदन से पूर्णत: संतुष्ट होकर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) एवं 6 के अंतर्गत नागेश उर्फ हंडू वल्द हरिप्रसाद भावसार उम्र 30 वर्ष निवासी शिवाजी कालोनी गंज थाना कोतवाली सीहोर तथा अकील उर्फ शकील वल्द लालखां उर्फ लल्लू उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम देवली थाना मंडी सीहोर को जिला सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से छ: माह के लिए निष्कासित किया है।
    उल्लेखनीय है कि यह दोनों आदतन अपराधी क्षेत्र में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते है। इनका समाज में इतना आतंक है कि लोग इनके विरूद्ध रिपोर्ट लिखवाने एवं गवाही देने से कतराते हैं। इन्ही सब बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गोयल ने जिला बदर की कार्यवाही की है। 

सुधर जाओ वरना होगा आंदोलन: प्रकाश व्यास

सीहोर। गुरूवार को नागरिक सहकारी बैंक के सभाकक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका ने जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि नगरपालिका, जनपद, मार्केटिंग आदि में जो भाजपा के नेता कुर्सियों पर आसीन हैं वह यह भूल गये हैं कि उनकी जीत पार्टी की जीत न कि उनकी जीत है। जनप्रतिनिधि यह जान लें कि उनकी जिम्मेदारी जनता के प्रति है जिन्होंने उनको चुनकर भेजा है, और यदि यह जनप्रतिनिधि कुर्सियों पर बैठकर शहर के विकास के प्रति इसी तरह उदासीन रहे तो आने वाले दिनों में आम जनमानस और पार्टी के कार्यकर्ताओंं को सड़कों पर आकर आंदोलन के माध्यम से जगाने का प्रयास किया जायेगा।
नगरपालिका पर साधा निशाना
आयोजित पत्रकारवार्ता में भाजपा नेता प्रकाश व्यास ने अपनी ही पार्टी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर की सड़कों की हालत बुरी तरह खराब हो चुकी है, कुछ सड़कें तो पिछले एक साल से खोदकर छोड़ दी गई हैं जिससे यहां गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका की जवाबदारी शहर के नागरिकों के प्रति है और ऐसे में यदि इस प्रकार की लापरवाही हो रही है तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता ने पहली बार नगरपालिका जैसी संस्था में भाजपा को बैठाया है और यदि इसके बाद भी यदि नपा अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़कर विकास के प्रति उदासीन रवैया अपना रही है तो कार्यकर्ताओं को आने वाले समय में जनता को जवाब देना पड़ेगा, क्योंकि कार्यकर्ता ही भाजपा के लिए जनता के सामने वोट मांगने गया था।

आबरू बचाने के लिए कर दी हत्या


अमित कुईया
सीहोर। जिले के नसरूल्लागंज थाना अंतर्गत मंडी ग्राम  में एक युवती ने एक अधेड़ की उस समय हत्या कर दी जब वह युवती की इज्जत से खिलवाड़ करने कोशिश कर रहा था। हत्या के इस मामले में नसरुल्लागंज पुलिस ने आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार गुरूवार सुबह करीब 11 बजे ग्राम मण्डी निवासी 18 वर्षीय मीना कालवेलिया जब अपने घर पर  अकेली कार्य कर रही थी, तभी उसी के ग्राम का लखन विश्वकर्मा घर में घुस आया और उसके साथ छेडख़ानी करते हुए दुष्कृत्य  करने का प्रयास करने लगा, तभी युवती ने अपनी आबरू बचाने के लिए पास ही रखी मूसली से मृतक के सिर पर तीन-चार प्रहार कर दिये, जिससे लखन विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। जैसे ही  ग्रामीणों को इस घटना की जानकारी कानों कान लगी कई लोग मौके पर पहुंच गए ओर गंभीर रूप से घायल लखन विश्वकर्मा को उपचार के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया जिसके बाद उसे जब भोपाल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या के इस मामले में आरोपी युवती मीना को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।
इनका कहना है
ग्राम मण्डी में मीना नामक युवती ने लखन विश्वकर्मा की मूसली से हत्या की है, पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
अनिल त्रिपाठी, थाना प्रभारी नसरूल्लागंज।

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

सीहोर पुलिस की निगाह खरगोन पर


पुलिस गिरफ्त में आये आरोपी
आरोपियों के पास से जप्त माउजर


सीहोर। बीते 5 नवम्बरको दोराहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छापरी एवं सेमरादागी के बीच रात 9 बजे मारूती कार से आ  रहे कर्मचारियों को लूट का शिकार बनाने वाले 6 आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को धर दबोचा है। और अब सीहोर पुलिस की निगाहें मप्र के खरगोन जिले को देख रही है जहां से इन शातिर लुटेरों ने चमचमाती माउजरें और जिन्दा कारतूस खरीदे थे।
गौरतलब है कि 5 नवम्बर को दोराहा थाना क्षेत्र के ग्राम छापरी एवं सेमरादागी के बीच मारूती से आ रहे अग्रसेन टे्रडिंग कंपनी के कर्मचारी ठाकुरप्रसाद व वाहन चालक बनवारीलाल से 6 अज्ञात बदमाशों ने कट्टा दिखाकर करीब 6 से 7 लाख रूपये लूट लिए थे, इस मामले में दोराहा थाने में लूट का प्रकरण दर्ज था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एसपी कुंजबिहारी शर्मा ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए एक विशेष दल का गठन किया और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि थाना क्षेत्रों के विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार के अपराध घटित हुए हैं और इन अपराधों को किन लोगों ने अंजाम दिया है जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश में गठित दल अलग-अलग तरीके से कार्यवाही प्रारंभ की। फलस्वरूप 22 नवम्बर मंगलवार को दोराहा थाना प्रभारी को सूचना मिली कि झरखेड़ा और जमुनियाखुर्द के जंगल में श्रीप्रसाद पाटीदार के खेत पर कुए के पास बैठे हुए हैं, जो कि लूट या डकैती की योजना बना रहे हैं और किसी संभावित वारदात को अंजाम देने वाले हैं।
इस बात की सूचना पाते ही दोराहा थाना प्रभारी के नेतृत्व में झरखेड़ा के जंगल में एक विशेष पुलिस दल को श्री प्रसाद पाटीदार के खेत पर बने कुएं के पास 6 बदमाश डकैती की योजना बनाते हुए पकड़ाये। पकड़ाये गये आरोपियों में क्रमश: गोविन्द उर्फ छोटू दांगी 24 साल निवासी कछारखेड़ी, अरविन्द दांगी 22 साल निवासी सिराड़ी, सूरज उर्फ हीरू मारन निवसी त्रिवेणी गुनगा भोपाल, अमित जाट 20 साल निवासी हथनोरा, कमल कुशवाह 24 साल निवासी त्रिवेणी गुनगा भोपाल और सुरेश अहिरवार 28 साल निवासी त्रिवेणी गुनगा भोपाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
दो माउजर और 12 कारतूस
लूट की वारदात को अंजाम देने वाले इन आरोपियों के पास से पुलिस को दो माउजर और 12 जिंदा कारतूस सहित 5 मोबाइल फोन मिले हैं। साथ ही पकड़ाये गये आरोपियों के पास से पुलिस को 45 हजार रूपये नकद राशि एवं मोटर साईकिल एमपी 04-एमएल 3380 भी बरामद हुई है।
खरगोन से लिए हथियार
पुलिस द्वारा आरोपियों से बरामद देशी माउजर को आरोपियों ने खरगोन से खरीदना बताया। हालांकि पुलिस ने इस बात का खुलासा नही किया है कि खरगोन में आरोपियों ने किस हथियार तस्कर से यह माउजर खरीदे हैं।
5 दिन का रिमांड
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगा था। पुलिस द्वारा प्रस्तुत आधारों के मद्देनजर न्यायालय ने पुलिस को 5 दिन का रिमांड दिया है। पुलिस 26 नवम्बर को आरोपियों को पुन: न्यायालय में पेश करेगी।

नसबंदी शिविर में अव्यवस्था

सोमवार को मेगा नसबंदी शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आयोजित किया गया, जिसमें नसबंदी कराने वाली महिलाओं व उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए स्वास्थ्य केन्द्र प्रबंधन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था नही की गई थी। नतीजन महिलाएं बच्चोंं को लेकर कहीं फर्श पर तो कहीं बरामदें में जमीन पर ही बैठी रही।
लक्ष्य पूर्ति के लिए लगाये जा रहे है। इस नसबंदी शिविर में आने वाली महिलाओं के नशीब में टेंट हाऊस के गंदे व बदबूदार बिस्तर ही लिखे थे। उन्हीं पर महिलाओं को लाकर लैटाया जा रहा था।
महिलाओं ने बताया - दूर - दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आई आदिवासी महिला सावित्री बाई, जयंती बाई, फूलबती बाई, सुमन बाई ने बताया कि नसबंदी कराने के लिए अल सुबह से ही हमें अपने ग्रामों से यहां आना पड़ता है। अस्पताल में देर शाम तक आपॅरेशन प्रक्रिया आरंभ नही की जाती। रात्री में हमें ठंड में नीचे दहलान पर सोना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा टेेंट हाऊस से गादी व रजाई बुलवाये जरूर थे लेकिन टेंट हाऊस के बिस्तर बदबूदार एवं छोटे व फटे होने के कारण हमें सुकुढ़कर ब-मुश्किल रात गुजारनी पड़ी।
परिजन भी होते रहे परेशान
नसबंदी महिलाओं के साथ आए परिजन सुखराम, खुशीलाल उईके, पर्वत सिंह मरकाम आदि ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने हमें सर्व सुविधा की बात कहीं थी। यहां पर आने पर केवल हमारी महिलाओं जिनके ऑपरेशन हुए उन्हें बरामदे में ही टेंट हाऊस के बिस्तर दिए गए। हम लोगों ने प्रागंण में अग्रि जलाकर अपनी रात व्यतीत की।
इतना दिया लक्ष्य
नसरुल्लागंज स्वास्थ्य केन्द्र को 1950 नसबंदी ऑपरेशन आगामी 31 मार्च 2011 तक करना है। इसके पूर्व 272 ऑपेरशन किये जा चुके हैं। आज मैगा शिविर में 146 महिलाओं का पंजीयन किया गया, जिसमें 143 महिलाओं को नसबंदी ऑपेरशन भोपाल से आये डॉक्टर एस.सी.भार्गव द्वारा किया गया।
इनका कहना है
ऑपरेशन में आने वाली महिलाओं के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा सभी प्रकार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती है। बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाती है। अगर किसी को कोई शिकायत थी तो उसे बताना चाहिए। समस्या का निराकरण कर दिया जाता।
डॉ. आरसी. विश्वकर्मा

शनिवार, 19 नवंबर 2011

धारदार हथियार से ग्रामीण की हत्या


मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा -फोटो प्रकाश मालवीय
मौके पर पुलिस जाँच में जुटी
सीहोर। कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम पड़ली जदिद में रहने वाले एक ग्रामीण की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों से वार कर हत्या कर दी। इस मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को आज सुबह लगी। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पडली जदिद में रहने वाले 36 वर्षीय बद्रीप्रसाद पुत्र मुंशीलाल ठाकुर गुरूवार को अपने घर से खाद लेने के लिये सीहोर के लिये निकला था, लेकिन बद्रीप्रसाद जब देर रात तक घर नही पहुचा तो परिजनों ने इसे ढूंढना शुरू किया, लेकिन वह नही मिला शुक्रवार को दुसरे दिन इन्दौर भोपाल राजमार्ग पर स्थित ग्राम के जोड़ पर बद्रीप्रसाद की लाश क्षतविक्षित अवस्था में मिली। इस बात की सूचना ग्राम के जोड़ पर स्थित एक ढाबा संचालक ने मृतक के परिजनों को दी परिजनों को जैसे ही सूचना मिली वह मोके पर पहुचे। मौके पर पड़ी खून से सनी लाश को देख परिजनों ने शव की शिनाख्त बद्रीप्रसाद के रूप में की ओर इसके बाद इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
कहीं शराब के नशे में न उपजा हो विवाद
 हत्या के इस मामले में जानकार सुत्रों का कहना है कि घटना की रात बद्रीप्रसाद और उसके कुछ एक साथियों ने साथ मिलकर शराब पी थी। इससे सम्भावना जताई जा रही है की शराब के नशे में धुत होकर बद्रीप्रसाद और उसके साथियों मे कोई ना कोई विवाद हुआ होगा और विवाद के चलते मामला हत्या तक पहुच गया होगा। बताया जाता है की जहां पर बद्रीप्रसाद का शव पड़ा हुआ मिला। उसके समीप ही एक शराब की खाली बोतल भी पड़ी हुई मिली है, जिससे यह तय हो गया है की घटना के पहले मोके पर अज्ञात आरोपियों ने शराब का सेवन किया होगा।
पुलिस जांच शुरू
इस अंधे कत्ल के बाद शुक्रवार को सुबह मौके पर पहुंची।
पुलिस ने छानबीन की है, साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है और हत्या के इस मामले में मृतक के परिजनों सहित कई लोगों से लम्बी पुछताछ की है लेकिन देर शाम तक पुलिस के हाथ ऐसे कोई सुराग नहीं  लगे है जिससे आरोपियों तक जल्दी पहुंचा जा सके।
इनका कहना है
हत्या के इस मामले में सभी बिन्दुओंं पर छानबीन की जा रही हे जल्दी ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होगें।
सुनील मेहता
एडिशनल एसपी सीहोर

गुरुवार, 17 नवंबर 2011

छात्रों का गुस्सा फूटा

सीहोर। शिक्षा और खेल दोनों को सिखाने के लिए बनाये गये  आवासीय खेलकूद संस्थान के छात्र प्राचार्य से इस कदर प्रताडि़त हैं कि गुरूवार को वह नियमों को तोड़ते हुए 2 किलोमीटर पैदल दौड़ते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय जा पहुंचे और एसडीएम को फबक-फबक कर अपनी आपबीती सुनाई। इस मौके पर आक्रोषित छात्रों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने प्राचार्य मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर छात्रों को शिक्षा और खेल दोनों सिखाने के लिए आवासीय खेलकूद संस्थान का निर्माण किया गया है, जिसमें सैंकड़ों छात्र पढ़कर खेलकूद की गतिविधियों की शिक्षाग्रहण करते हैं, लेकिन खेलकूद संस्थान के प्राचार्य की मनमानी से संस्थान में अध्ययनरत् छात्र इस कदर परेशान हैं कि गुरुवार को वह 2 किलोमीटर दौड़कर अपनी आपबीती बताने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय जा पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचकर छात्र उस समय मायूस हो गये जब उन्हें कार्यालय में कलेक्टर नहीं मिले और एसडीएम को अपनी व्यथा सुनाकर संतोष करना पड़ा। हालांकि पूरे मामले में एसडीएम इच्छित गढ़पाले द्वारा जांच कराने की बात की गई है। 
आवासीय खेलकूद संस्थान में अध्ययनरत् छात्र धर्मेन्द्र केरवाल और संतोष राठौर ने अग्रिबाण से चर्चा के दौरान बताया कि स्कूल में छात्रों को शौचालय एवं बाथरूम की सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार छात्रों से स्कूल प्रगति के नाम पर 500-500 रूपये जमा कराये गये हैं, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है, जब भी छात्र प्राचार्य से व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं तो प्राचार्य द्वारा छात्रों को अपशब्द बोलते हुए स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है।

मुख्यमंत्री और स्वराज के गिरफ्तारी वारंट पर मिला स्टे

फाइल फोटो
अमित कुईया
सीहोर। राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के मामले में नसरुल्लागंज के कांग्रेसी नेता द्वारा न्यायालय में दायर परिवाद के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज सहित भाजपा जिलाध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी और तत्कालिक कलेक्टर संदीप यादव द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट पर एक दिसम्बर तक कोर्ट न स्टे दिया है। परिवादी नसरूल्लागंज निवासी द्वारका जाट न्यायालय में अपने वकील डीपी तिवारी के माध्यम से एक परिवाद प्रस्तुत किया था जिसमें बताया गया था कि 31 मार्च 2010 को क्षेत्रीय सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज का नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुनाथसिंह भाटी और तात्कालिक कलेक्टर संदीप यादव शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान एक बालिका ने राष्ट्रीय ध्वज को उलटा धारण कर लिया था, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हुआ। परिवादी ने न्यायालय में इस मामले से जुड़े साक्ष्य भी प्रस्तुत किये, जिस आधार पर न्यायाधीश जफर इकबाल ने चारों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। देर शाम चारों आरोपियों के वकील द्वारा अतिरिक्त न्यायाधीश विजय मालवीय की कोर्ट में रिवीजन दायर की गई, जिस पर न्यायाधीश ने स्टे-आर्डर दे दिया।

शुक्रवार, 11 नवंबर 2011

ट्रक-जीप की भिड़ंत में पांच की मौत, नौ गंभीर घायल

-ट्रक-जीप की भिड़ंत में पांच की मौत, नौ गंभीर घायल
सीहोर। शुक्रवार की सुबह छ: बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर सोया चौपाल के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक से जीप टकरा गई जिससे इस जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें भोपाल अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के सुराना तथा उज्जैन के समेलिया निवासी 14 लोग जीप क्रमांक एमपी 09 सीजी-8987 में सवार होकर नागपुर स्थित ताजुउद्दीन मजार से दुआ कर वापस अपने घर लौट रहे थे तभी रास्ते में भोपाल इंदौर राजमार्ग पर सोया चौपाल के नजदीक अचानक बीच सड़क पर पंचर खड़े ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचजी-6848 में जा घुसी, टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और नौ घायल हो गए। दुर्घटना होने के लगभग आधे घंटे देरी से 108 एम्बूलेंस वाहन पहुंचा जिसकी वजह से दुर्घटना स्थल पर हाहाकार मच गया। आसपास के लोगों ने मिलकर घायलों को वाहन से निकाला और अस्पताल तक पहुंचाया।
मृतकों में 70 वर्षीय छोटे खां, पत्नी 65 वर्षीय छोटी बी, 45 वर्षीय इस्माईल, 13 वर्षीय शाहरुख, 35 वर्षीय शहजाद बी शामिल है। घायलों में शमीम बी, राजा बी, लियाकत, वहीद खां, उस्मान और अन्य तीन बच्चे बताए जाते हैं।
बुजूर्ग दंपत्ति की मौत
इस दुर्घटना में बुजूर्ग दंपत्ति की मौत हुई है जिसमें 70 वर्षीय छोटे खां और 65 वर्षीय उनकी पत्नी छोटी बी शामिल है। इसक अलावा इनके परिवार में शामिल अन्य लोगों के मरने की भी जानकारी मिल रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बमुश्किल निकले शव
सुबह छ: बजे हुई इस हृदय विदारक दुर्घटना का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दुर्घटना में मृतकों के  शव बमुश्किल जीप को काट कर निकाला गया और इसमें दो घंटे का समय लग गया। शवों को निकालते समय पुलिस और आसपास के लोगों के  रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि लाशें बुरी स्थिति में थी।
ट्रक-जीप की भिड़ंत में पांच की मौत, नौ गंभीर घायल
सीहोर। शुक्रवार की सुबह छ: बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर सोया चौपाल के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक से जीप टकरा गई जिससे इस जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें भोपाल अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के सुराना तथा उज्जैन के समेलिया निवासी 14 लोग जीप क्रमांक एमपी 09 सीजी-8987 में सवार होकर नागपुर स्थित ताजुउद्दीन मजार से दुआ कर वापस अपने घर लौट रहे थे तभी रास्ते में भोपाल इंदौर राजमार्ग पर सोया चौपाल के नजदीक अचानक बीच सड़क पर पंचर खड़े ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचजी-6848 में जा घुसी, टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और नौ घायल हो गए। दुर्घटना होने के लगभग आधे घंटे देरी से 108 एम्बूलेंस वाहन पहुंचा जिसकी वजह से दुर्घटना स्थल पर हाहाकार मच गया। आसपास के लोगों ने मिलकर घायलों को वाहन से निकाला और अस्पताल तक पहुंचाया।
मृतकों में 70 वर्षीय छोटे खां, पत्नी 65 वर्षीय छोटी बी, 45 वर्षीय इस्माईल, 13 वर्षीय शाहरुख, 35 वर्षीय शहजाद बी शामिल है। घायलों में शमीम बी, राजा बी, लियाकत, वहीद खां, उस्मान और अन्य तीन बच्चे बताए जाते हैं।
बुजूर्ग दंपत्ति की मौत
इस दुर्घटना में बुजूर्ग दंपत्ति की मौत हुई है जिसमें 70 वर्षीय छोटे खां और 65 वर्षीय उनकी पत्नी छोटी बी शामिल है। इसक अलावा इनके परिवार में शामिल अन्य लोगों के मरने की भी जानकारी मिल रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बमुश्किल निकले शव
सुबह छ: बजे हुई इस हृदय विदारक दुर्घटना का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दुर्घटना में मृतकों के  शव बमुश्किल जीप को काट कर निकाला गया और इसमें दो घंटे का समय लग गया। शवों को निकालते समय पुलिस और आसपास के लोगों के  रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि लाशें बुरी स्थिति में थी।
ट्रक-जीप की भिड़ंत में पांच की मौत, नौ गंभीर घायल
सीहोर। शुक्रवार की सुबह छ: बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर सोया चौपाल के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक से जीप टकरा गई जिससे इस जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें भोपाल अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के सुराना तथा उज्जैन के समेलिया निवासी 14 लोग जीप क्रमांक एमपी 09 सीजी-8987 में सवार होकर नागपुर स्थित ताजुउद्दीन मजार से दुआ कर वापस अपने घर लौट रहे थे तभी रास्ते में भोपाल इंदौर राजमार्ग पर सोया चौपाल के नजदीक अचानक बीच सड़क पर पंचर खड़े ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचजी-6848 में जा घुसी, टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और नौ घायल हो गए। दुर्घटना होने के लगभग आधे घंटे देरी से 108 एम्बूलेंस वाहन पहुंचा जिसकी वजह से दुर्घटना स्थल पर हाहाकार मच गया। आसपास के लोगों ने मिलकर घायलों को वाहन से निकाला और अस्पताल तक पहुंचाया।
मृतकों में 70 वर्षीय छोटे खां, पत्नी 65 वर्षीय छोटी बी, 45 वर्षीय इस्माईल, 13 वर्षीय शाहरुख, 35 वर्षीय शहजाद बी शामिल है। घायलों में शमीम बी, राजा बी, लियाकत, वहीद खां, उस्मान और अन्य तीन बच्चे बताए जाते हैं।
बुजूर्ग दंपत्ति की मौत
इस दुर्घटना में बुजूर्ग दंपत्ति की मौत हुई है जिसमें 70 वर्षीय छोटे खां और 65 वर्षीय उनकी पत्नी छोटी बी शामिल है। इसक अलावा इनके परिवार में शामिल अन्य लोगों के मरने की भी जानकारी मिल रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बमुश्किल निकले शव
सुबह छ: बजे हुई इस हृदय विदारक दुर्घटना का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दुर्घटना में मृतकों के  शव बमुश्किल जीप को काट कर निकाला गया और इसमें दो घंटे का समय लग गया। शवों को निकालते समय पुलिस और आसपास के लोगों के  रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि लाशें बुरी स्थिति में थी।

गुरुवार, 10 नवंबर 2011

वरिष्ठ पत्रकार दासवानी को पितृ शोक

सीहोर। शहर के कपड़ा व्यापारी राजेन्द्र दासवानी, वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी बसंत दासवानी तथा चन्द्रकांत दासवानी के पिताश्री  होलाराम दासवानी का लम्बी बीमारी के चलते मंगलवार को दु:खद निधन हो गया।
उनका अंतिम संस्कार छावनी विश्राम घाट पर किया गया। शवयात्रा में शहर के कपड़ा व्यवसायी, पत्रकार और राजनैतिक संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्व. श्री होलाराम दासवानी के निधन पर विधायक रमेश सक्सेना, नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार, जिला भाजपाध्यक्ष रघुनाथ भाटी, जिला भाजपा प्रवक्ता राजकुमार गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष गिरधर कुईया, वरिष्ठ पत्रकार अंबादत्त भारती, आंचलिक पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकरलाल साबू, जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष विमल जैन, रामनारायण ताम्रकार, पुरषोत्तम कुईया, जय उपाध्याय, प्रदीप समाधिया, पंकज पुरोहित, राकेश समाधिया, हरी सोनी, विनीत दुबे, श्रवण मावई, आनंद गांधी, इरशाद कुरैशी, रमेश वर्मा, अमित कुईया, नरेन्द्र खंगराले सहित श्रमजीवी पत्रकार संघ अध्यक्ष रघुवरदयाल गोहिया, बलजीतसिंह ठाकुर, शैलेष तिवारी, अंकुर तिवारी, प्रदीप चौहान, राजेन्द्र शर्मा गुरू सहित अन्य पत्रकारगण एवं जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। 

मंगलवार, 8 नवंबर 2011

अटके करोड़ों के अरमान


नों अवैध कालोनियों में मकानों, प्लाटों की बुकिंग, प्रशासन की कार्यवाही शुरू

शहर और उसके आसपास के इलाकों में अवैध कालोनियों में करोड़ों के अरमान अटक गये हैं। इन कालोनियों में कई लोगों ने अपने सपनों का घर बुक कर दिया था, जिसके एवज में अग्रिम भुगतान किया गया, जिसकी कुल रकम करोड़ों में है। अब प्रशासन ने इन कालोनियों में किये गये निर्माण को अवैध घोषित कर तोडऩा शुरू कर दिया। ऐसे में उन लोगों के पैसे अधर में लटक गये जिन्होंने ऐसी कालोनियों में मकान या प्लाट की बुकिंग या फिर रजिस्ट्री करवा ली।
सीहोर। दरसल पिछले तीन साल में अचानक शहर और उसके आसपास के इलाकों में रियल स्टेट के कारोबार करने वालों की बाढ़ आ गई और देखते ही देखते जिसको जहां जगह मिली, कालोनियों को डवलप करने की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन उस समय प्रशासन ने कुकुरमुत्तों की तरह ऊग रही कालोनियों को ध्यान नहीं दिया और बिना अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के कालोनी डवलप करने वाले अवैध कॉलोनाइजरों के झांसे में वो लोग फंस गये, जिन्होंने कहीं न कहीं अपने सपनों का घरोंदा बनाने के अरमान बरसों से देख रखे थे। इन कालोनियों में शहर सहित दूसरे जिलों के भी लोगों ने करोड़ों रूपयों की बुकिंग की और यह अवैध कॉलोनाइजर रातों-रात करोड़पति हो गये।
इस बीच अवैध कालोनियों को लेकर नियम और कायदे की बातें उठने लगीं और उनकी आखों में भी चमक दिखी, जिनके ऊपर इन अवैध कालोनियों पर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी थी, इसी दौरान ऐसे कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किये गये। तीन बार यह नोटिस जारी हुए, लेकिन कार्यवाही शून्य रही।
रविवार को अचानक प्रशासन जागा और पीएसीएल कंपनी के रॉयल गार्डन में बने मकानों को तोडऩे की कार्यवाही शुरू की गई। इसके बाद भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर स्थित विकसित हो रही कालोनी का दरवाजा तोड़ा गया और फिर अवैध निर्माण की मुहीम शांत हो गई।
रॉयल गार्डन में खामियां
पीएसीएल कंपनी के रॉयल गार्डन की जमीन का इस्तेमाल फार्म हाउस के रूप में होना था। इस जमीन पर 40 फार्म हाउस बनाये जाने की अनुमति ली गई थी, लेकिन कंपनी ने अवैध रूप से 300 फार्म हाउस विकसित किये हैं, इसके अलावा फार्म हाउस के नाम पर यहां पर गुपचुप तरीके से बंगले निर्मित किये जा रहे हैं। अनेक बंगलों की बुकिंग की गई है। पीएसीएल कंपनी के पास 87 एकड़ जमीन है।
इनका क्या होगा
पीएसीएल सहित दर्जनों अवैध कालोनियों में प्लाट और बंगले बुक कराने वाले लोगों का क्या होगा, यह सवाल अब सबके जुबां पर है। चूंकि यह मामला करोड़ों में है और इन कालोनियों में मकान और प्लाट लेने वालों की गलती भी नहीं है, ऐसे में उनका पैसा कैसे निकलेगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
इनका कहना है
मैंने पीएसीएल कंपनी के रॉयल गार्डन में 5 लाख जमा कर बंगला बुक कराया है। बुकिंग के समय कंपनी ने नायब तहसीलदार की स्वीकृति बताई थी।
नूतन पाटीदार, निवासी सीहोर
32 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किये गये थे। उन्हें 19 अक्टूबर तक समय दिया गया था। समय अवधि पूरी होने के बाद अवैध निर्माण तोडऩे की कार्यवाही की गई ह। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
इच्छित गढ़पाले
एसडीएम सीहोर

शुक्रवार, 4 नवंबर 2011

जब छेड़े तहसीलदार और नपाध्यक्ष ने तराने


सीहोर। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि का सही ताल-मेल बैठ जाये तो अनेक काम आसानी से हो जाते हैं, और यह तालमेल ही शहर के विकास में काम आता है। ऐसा ही एक नजारा उस वक्त देखने को मिला जब तहसीलदार अलका इक्का और नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने निकाय दिवस के कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक गाने गाये, और वहां मौजूद जनप्रतिनिधि तथा आम जन झूम उठे।
बुधवार की शाम अग्रवाल पंचायती भवन में निकाय दिवस के अवसर पर नगरपालिका परिषद ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें तेज-तर्राट तहसीलदार अलका इक्का भी शामिल थीं, माहौल को हल्का और खुशनुमा बनाने के लिए नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने अपने अंदाज में गीत गाया, तो तहसीलदार अलका इक्का भी पीछे नहीं रहना चाहती थीं, वह भी शहर के लोगों को अपनी प्रतिभा से परिचित कराना चाहती थीं।
उन्होंने जब माइक थामा तो वहां मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गये। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज से कई तराने गाये, जिससे यह साबित हो गया कि तहसीलदार अलका इक्का कुशल प्रशासक के साथ ही उमदा कलाकार भी हैं। वह इससे पहले अपनी संचालन प्रतिभा से अवगत करा चुकी हैं।

70 साल की हो गई सीहोर की कचौड़ी




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    10 पैसे से 5 रूपये तक पहुंची, स्वाद वही

    अमित कुईया
    सीहोर। प्रदेशभर में प्रसिद्ध सीहोर की कचौड़ी 70 साल की हो गई है, और अब इसकी कीमत 5 रूपये जा पहुंची है, लेकिन न तो उसके स्वाद में कमी आई है और न ही खाने वालों की। आज भी यह कचौड़ी प्रतिदिन प्रदेष से बाहर पहुंचती है और लोग इसके स्वाद का आनंद उठाते हैं।
    दरसल 70 साल पहले गंज में रहने वाले फूलचंद यादव और चुन्नीलाल कौषल जो मास्टरजी के नाम से प्रसिद्ध थे, इन दोनों की दोस्ती ने सीहोर की स्वादिष्ट कचौड़ी को जन्म दिया।
    इन दोनों दोस्तों ने 70 साल पहले सर्राफा बाजार के कोने में स्थित एक छोटी सी दुकान से अपने कारोबार की शुरूआत की।
    इसी दुकान में 70 साल पहले पहली बार हींगयुक्त वह स्वादिष्ट कचौड़ी बनी, जिसका स्वाद आज भी लोगों की जुबान से जाता नहीं है। उस समय इसकी कीमत मात्र 10 पैसे थी और यह 10 पैसे की कचौड़ी मात्र एक-दो साल में इतनी प्रसिद्ध हो गई, घर पर आने वाले मेहमानों को यदि चुन्नीलाल मास्टर साहब की दुकान की कचौड़ी नहीं खिलाई जाये तो मेहमाननवाजी अधूरी समझी जाती थी। समय गुजरा, कचौड़ी की कीमत भी बढ़ी। 20 पैसे से 50 पैसे तक कचौड़ी की कीमत जा पहुंची। यह वह समय था, जब इस दुकान पर कचौड़ी खाने वालों की भीड़ दुकान में समाती नहीं थी। 50 पैसे के बाद 1 रूपये, 2 रूपये और फिर अब 5 रूपये तक कचौड़ी की कीमत हो गई है। इस दौरान 2 दोस्तों द्वारा शुरू की गई दुकान के भी दो भाग हो गये, और अब यह दोनों ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी कचौड़ी आज भी उतने ही स्वाद से खाई जाती है।
    रामभरोस की कचौड़ी
    70 के दषक के लगभग मण्डी में रामभरोस शर्मा के पिता नारायण शर्मा द्वारा बनाई गई कचौड़ी ने धूम मनाई, और मण्डी में रहने वाले हर आम और खास की दिनचर्या में इस कचौड़ी ने महत्वपूर्ण स्थान बना लिया। अनेक लोगों के दिन की शुरूआत इस कचौड़ी से ही होती थी। उस समय दुर्गा मंदिर के पास यह दुकान हुआ करती थी, लेकिन अब रामभरोस की यह कचौड़ी कृषि उपज मण्डी के पास एक ठेले पर लोग उतनी ही सिद्दत से खाते हैं।
    जहां लगती है हर रोज लाईन
    वर्तमान समय में एक क्लिक पर जमानेभर की वस्तुयें उपलब्ध हैं और यदि जेब में पैसे हों तो घर बैठे जीवन उपयोगी चीजें मिल जाती हैं, लेकिन इसके ठीक विपरीत बड़े बाजार में सड़क किनारे खड़े होने वाले दीपक के ठेले पर कचौड़ी का स्वाद लेने के लिए लबी लाईन लगती है और लोग घंटों इंतजार करते हैं। दीपक के ठेले पर लोग न केवल कचौड़ी खाने आते हैं बल्कि स्वादिष्ट मंगोड़ों के स्वाद का भी आनंद लेते हैं।
    राजधानी में भी सीहोर की कचौड़ी
    सीहोर की कचौड़ी ने स्वादपंसद लोगों को इतना आकृर्षित किया कि राजधानी भोपाल में भी जवाहर चौक पर सीहोर की कचौड़ी के नाम से एक व्यवसायी ने दुकान खोली और उसकी दुकान भी चल पड़ी।

बुधवार, 2 नवंबर 2011

छात्रा को जलाने वाला शिक्षक गिरफ्तार




सीहोर। इंग्लिशपुरा क्षेत्र में रहने वाली एक 18 वर्षीय छात्रा पर केरोसीन डालकर आग लगाने वाले शिक्षक को पुलिस ने देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की है, जिसमें उसने अपना जुर्म कुबूल नहंी ंकिया है।
जानकारी के अनुसार 30 अक्टूबर की शाम इंग्लिशपुरा में रहने वाले प्रकाश कौशल की पुत्री दीपाली घर में चाय बना रही थी। ठीक उसी वक्त एक अज्ञात युवक केरोसीन लेकर आया और उसने उसके ऊपर डाल दिया, और आग लगाकर फरार हो गया। आग से दीपाली बुरी तरह झुलस गई, पड़ोसियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में उसे भोपाल रिफर किया गया, जहां आज भी वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। मौके से फरार आरोपी शिक्षक शशांक कुशवाह को आखिरकार पुलिस ने भोपाल से बुधवार की शाम गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक से 25 मिनिट तक पूछताछ की। इस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कुबुल करने से इंकार कर दिया। आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने पीडि़त लड़की और उसके परिजनों के बयानों के आधार पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने फिर चेताया



-   तालाब मामला: दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरेंगे जिला पंचायत अध्यक्ष
सीहोर। पिछले वर्षों में जिला पंचायत द्वारा विभिन्न मदों से बनाये गये 137 तालाब गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान विगत दिनों ही दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही न होने की दशा में सड़कों पर आंदोलन छेडऩे की बात कर चुके हैं। यही बात उन्होंने बुधवार को आयोजित पत्रकारों से दीवाली मिलन के बहाने एक बार फिर दोहराई और फिर कहा कि यदि एक माह में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जायेगा।
गौरतलब है कि जिला पंचायत द्वारा विगत चार वर्षों में बलराम तालाब, खेत तालाब, परकोलेशन टेंक आदि का निर्माण कराया गया था, लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम से इन तालाबों के भौतिक सत्यापन कराये गये तो मौके पर 137 तालाब गायब मिले। जिले में 13 बलराम तालाब, 120 खेत तालाब और 04 भू-जल संवर्धन के तालाब मौके पर निर्मित होना नहीं पाये गये, जबकि इन तालाबों की एवज में करोड़ों रूपयों का भुगतान अधिकारियों ने कर दिया। इसी तरह भौतिक सत्यापन में यह बात भी सामने आई कि जिले में खेत तालाब योजना के माध्यम से बनने वाले 248 तालाब, बलराम तालाब योजना से बनने वाले 15 तालाब एवं भू-जल संवर्धन के 17 तालाब भी सालों से अपूर्ण  हैं, जिनका भुगतान कर दिया गया है। इस बात की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रतिवेदन में जिला कलेक्टर को पिछले दिनों सौंपी भी गई थी, साथ ही इस पत्र के माध्यम से यह भी कहा गया था कि 237 तालाबों के गायब होने की जांच हो जाने के बाद दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।
मिला आश्वासन
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि गायब तालाबों की जांच का मामला काफी लंबे समय से लंबित है। इस पूरे मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को मैं स्वयं उपस्थित होकर अवगत करा चुका हूॅं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आश्वापसन भी दिया गया है ।
श्री चौहान ने कहा है कि यदि एक महीने में शासन स्तर पर दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो मुझे मजबूर होकर सड़क पर आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
                                                    .. तो उतरूंगा सड़कों पर
इस मामले में जाचं प्रतिवेदन सीहोर प्रशासन द्वारा अपर मुख्य सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल को सौंपा गया था, लेकिन जब लंबे समय तक घोटाले में लिप्त अधिकारियों पर गाज नहीं गिरी तो इससे नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने सीधे सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की बात बुधवार को पत्रकारों के सामने दीवाली मिलन समारोह के दौरान बातों ही बातों में कह दी।

मंगलवार, 1 नवंबर 2011

शिक्षक ने किया छात्रा को आग के हवाले

सीहोर। अपनी ही छात्रा के प्रेम में पागल एक शिक्षक ने छात्रा के शादी इंकार करने पर उसे आग के हवाले कर दिया। अब छात्रा अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने शिक्षक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। हालांकि अब तक शिक्षक की गिरफ्तारी की बात से पुलिस इंकार कर रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार की रात इंग्लिशपुरा में रहने वाले प्रकाश कौशल की 18 वर्षीय पुत्री दीपाली कौशल के परिजन घर से बाहर गये हुए थे। उस समय वह और उसकी छोटी बहिन शिवानी घर पर अकेली थी। ठीक उसी समय एक युवक हाथ में केन लेकर आया और उस पर केरोसीन तेल डालकर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से लगी कि वह चंद मिनिटों में पूरी तरह से आग में झुलस गई और जब वह चीखी तो उसकी बहिन सहित पड़ोसियों ने वहां आकर कपड़े डालकर आग को बुझाया और फिर जिला अस्पताल लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने उसे गंभीर अवस्था में भोपाल अस्पताल रेफर कर दिया, जहां सोमवार की देर शाम तक उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि दीपाली 80 प्रतिशत से अधिक आग से झुलस गई है। इधर दिनभर की मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस ने दीपाली और उसके परिजनों के बयान के आधार पर शशांक कुशवाह पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की है।
पुलिस का कहना है कि शशांक की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं, इस संदर्भ में उसके पिता को पुलिस ने पूछताछ के लिए कोतवाली थाने में बिठाकर रखा है।
बयान में विरोधाभास
यह सही है कि मामला गंभीर है। एक छात्रा को उसके घर में केरासीन का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया जाये तो इसे निश्चित तौर पर हैवानियत ही कहा जायेगा और ऐसा करने वालों को सजा भी कड़ी मिलनी चाहिए, लेकिन इस मामले में साक्ष्यों की कमी है, पुलिस द्वारा लिये गये परिजनों के बयानों में विरोधाभास है।
बयान में कहा गया कि पीडि़त लड़की चाय बना रही थी, उस वक्त उसके साथ यह घटना हुई, वहीं उसकी बहिन शिवानी का कहना है कि वह खाना बना रही थी। इसके अलावा शिवानी का यह भी कहना है कि शशांक 6 महीने पहले तक घर में ट्यूशन पढ़ाने आता था लेकिन शिवानी के इस बयान से उनके माता-पिता इत्तेफाक नहीं रखते।
घटना के कुछ घंटे बाद ही पुलिस के पास शशांक कुशवाह का नाम आरोपी के रूप में आ गया था और पुलिस के नजदीक के सूत्र इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि शशांक को पुलिस ने हिरासत में लिया था और यह बात मानी जा रही थी कि आरोपी वही है लेकिन सोमवार की सुबह पुलिस पलट गई और आरोपी अज्ञात हो गया, इस बात से भी पुलिस ने इंकार कर दिया कि शशांक कुशवाह को संदेही माना जा सकता है।
दिनभर चले इस खेल के बाद आखिरकार बात लड़की के बयान पर आकर अटक गई और दोपहर बाद लड़की ने बमुश्किल पुलिस को बयान में शशांक का नाम बताया, तब कहीं जाकर पुलिस ने दबाव में शशांक पर 307 का प्रकरण दर्ज किया, इसके बाद भी शशांक की गिरफ्तारी से इंकार किया जाता रहा। खबर लिखे जाने तक पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर इंकार करते रहे, उनका कहना था कि उसकी तलाश की जा रही है।