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मंगलवार, 1 नवंबर 2011

शिक्षक ने किया छात्रा को आग के हवाले

सीहोर। अपनी ही छात्रा के प्रेम में पागल एक शिक्षक ने छात्रा के शादी इंकार करने पर उसे आग के हवाले कर दिया। अब छात्रा अस्पताल में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। पुलिस ने शिक्षक पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। हालांकि अब तक शिक्षक की गिरफ्तारी की बात से पुलिस इंकार कर रही है।
जानकारी के अनुसार रविवार की रात इंग्लिशपुरा में रहने वाले प्रकाश कौशल की 18 वर्षीय पुत्री दीपाली कौशल के परिजन घर से बाहर गये हुए थे। उस समय वह और उसकी छोटी बहिन शिवानी घर पर अकेली थी। ठीक उसी समय एक युवक हाथ में केन लेकर आया और उस पर केरोसीन तेल डालकर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से लगी कि वह चंद मिनिटों में पूरी तरह से आग में झुलस गई और जब वह चीखी तो उसकी बहिन सहित पड़ोसियों ने वहां आकर कपड़े डालकर आग को बुझाया और फिर जिला अस्पताल लेकर गये, जहां डॉक्टरों ने उसे गंभीर अवस्था में भोपाल अस्पताल रेफर कर दिया, जहां सोमवार की देर शाम तक उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि दीपाली 80 प्रतिशत से अधिक आग से झुलस गई है। इधर दिनभर की मशक्कत के बाद आखिरकार पुलिस ने दीपाली और उसके परिजनों के बयान के आधार पर शशांक कुशवाह पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की है।
पुलिस का कहना है कि शशांक की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं, इस संदर्भ में उसके पिता को पुलिस ने पूछताछ के लिए कोतवाली थाने में बिठाकर रखा है।
बयान में विरोधाभास
यह सही है कि मामला गंभीर है। एक छात्रा को उसके घर में केरासीन का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया जाये तो इसे निश्चित तौर पर हैवानियत ही कहा जायेगा और ऐसा करने वालों को सजा भी कड़ी मिलनी चाहिए, लेकिन इस मामले में साक्ष्यों की कमी है, पुलिस द्वारा लिये गये परिजनों के बयानों में विरोधाभास है।
बयान में कहा गया कि पीडि़त लड़की चाय बना रही थी, उस वक्त उसके साथ यह घटना हुई, वहीं उसकी बहिन शिवानी का कहना है कि वह खाना बना रही थी। इसके अलावा शिवानी का यह भी कहना है कि शशांक 6 महीने पहले तक घर में ट्यूशन पढ़ाने आता था लेकिन शिवानी के इस बयान से उनके माता-पिता इत्तेफाक नहीं रखते।
घटना के कुछ घंटे बाद ही पुलिस के पास शशांक कुशवाह का नाम आरोपी के रूप में आ गया था और पुलिस के नजदीक के सूत्र इस बात की भी पुष्टि करते हैं कि शशांक को पुलिस ने हिरासत में लिया था और यह बात मानी जा रही थी कि आरोपी वही है लेकिन सोमवार की सुबह पुलिस पलट गई और आरोपी अज्ञात हो गया, इस बात से भी पुलिस ने इंकार कर दिया कि शशांक कुशवाह को संदेही माना जा सकता है।
दिनभर चले इस खेल के बाद आखिरकार बात लड़की के बयान पर आकर अटक गई और दोपहर बाद लड़की ने बमुश्किल पुलिस को बयान में शशांक का नाम बताया, तब कहीं जाकर पुलिस ने दबाव में शशांक पर 307 का प्रकरण दर्ज किया, इसके बाद भी शशांक की गिरफ्तारी से इंकार किया जाता रहा। खबर लिखे जाने तक पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर इंकार करते रहे, उनका कहना था कि उसकी तलाश की जा रही है।

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