अटके करोड़ों के अरमान
नों अवैध कालोनियों में मकानों, प्लाटों की बुकिंग, प्रशासन की कार्यवाही शुरू
शहर और उसके आसपास के इलाकों में अवैध कालोनियों में करोड़ों के अरमान अटक
गये हैं। इन कालोनियों में कई लोगों ने अपने सपनों का घर बुक कर दिया था,
जिसके एवज में अग्रिम भुगतान किया गया, जिसकी कुल रकम करोड़ों में है। अब
प्रशासन ने इन कालोनियों में किये गये निर्माण को अवैध घोषित कर तोडऩा शुरू
कर दिया। ऐसे में उन लोगों के पैसे अधर में लटक गये जिन्होंने ऐसी कालोनियों में मकान या प्लाट की बुकिंग या फिर रजिस्ट्री करवा ली।
सीहोर। दरसल पिछले तीन साल में अचानक शहर और उसके आसपास के इलाकों में
रियल स्टेट के कारोबार करने वालों की बाढ़ आ गई और देखते ही देखते जिसको
जहां जगह मिली, कालोनियों को डवलप करने की प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन उस
समय प्रशासन ने कुकुरमुत्तों की तरह ऊग रही कालोनियों को ध्यान नहीं दिया
और बिना अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के कालोनी डवलप करने वाले अवैध
कॉलोनाइजरों के झांसे में वो लोग फंस गये, जिन्होंने कहीं न कहीं अपने
सपनों का घरोंदा बनाने के अरमान बरसों से देख रखे थे। इन कालोनियों में शहर
सहित दूसरे जिलों के भी लोगों ने करोड़ों रूपयों की बुकिंग की और यह अवैध
कॉलोनाइजर रातों-रात करोड़पति हो गये।
इस बीच अवैध कालोनियों को लेकर
नियम और कायदे की बातें उठने लगीं और उनकी आखों में भी चमक दिखी, जिनके ऊपर
इन अवैध कालोनियों पर कार्यवाही करने की जिम्मेदारी थी, इसी दौरान ऐसे
कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किये गये। तीन बार यह नोटिस जारी हुए, लेकिन
कार्यवाही शून्य रही।
रविवार को अचानक प्रशासन जागा और पीएसीएल कंपनी
के रॉयल गार्डन में बने मकानों को तोडऩे की कार्यवाही शुरू की गई। इसके बाद
भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर स्थित विकसित हो रही कालोनी का दरवाजा तोड़ा गया
और फिर अवैध निर्माण की मुहीम शांत हो गई।
रॉयल गार्डन में खामियां
पीएसीएल कंपनी के रॉयल गार्डन की जमीन का इस्तेमाल फार्म हाउस के रूप में
होना था। इस जमीन पर 40 फार्म हाउस बनाये जाने की अनुमति ली गई थी, लेकिन
कंपनी ने अवैध रूप से 300 फार्म हाउस विकसित किये हैं, इसके अलावा फार्म
हाउस के नाम पर यहां पर गुपचुप तरीके से बंगले निर्मित किये जा रहे हैं।
अनेक बंगलों की बुकिंग की गई है। पीएसीएल कंपनी के पास 87 एकड़ जमीन है।
इनका क्या होगा
पीएसीएल सहित दर्जनों अवैध कालोनियों में प्लाट और बंगले बुक कराने वाले
लोगों का क्या होगा, यह सवाल अब सबके जुबां पर है। चूंकि यह मामला करोड़ों
में है और इन कालोनियों में मकान और प्लाट लेने वालों की गलती भी नहीं है,
ऐसे में उनका पैसा कैसे निकलेगा, इसकी चिंता उन्हें सता रही है।
इनका कहना है
मैंने पीएसीएल कंपनी के रॉयल गार्डन में 5 लाख जमा कर बंगला बुक कराया है।
बुकिंग के समय कंपनी ने नायब तहसीलदार की स्वीकृति बताई थी।
नूतन पाटीदार, निवासी सीहोर
32 अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किये गये थे। उन्हें 19 अक्टूबर तक समय
दिया गया था। समय अवधि पूरी होने के बाद अवैध निर्माण तोडऩे की कार्यवाही
की गई ह। यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
इच्छित गढ़पाले
एसडीएम सीहोर
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