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बुधवार, 2 नवंबर 2011

जिला पंचायत अध्यक्ष ने फिर चेताया



-   तालाब मामला: दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए सड़क पर उतरेंगे जिला पंचायत अध्यक्ष
सीहोर। पिछले वर्षों में जिला पंचायत द्वारा विभिन्न मदों से बनाये गये 137 तालाब गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान विगत दिनों ही दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही न होने की दशा में सड़कों पर आंदोलन छेडऩे की बात कर चुके हैं। यही बात उन्होंने बुधवार को आयोजित पत्रकारों से दीवाली मिलन के बहाने एक बार फिर दोहराई और फिर कहा कि यदि एक माह में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्यवाही नहीं हुई तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया जायेगा।
गौरतलब है कि जिला पंचायत द्वारा विगत चार वर्षों में बलराम तालाब, खेत तालाब, परकोलेशन टेंक आदि का निर्माण कराया गया था, लेकिन जब प्रशासनिक स्तर पर एसडीएम से इन तालाबों के भौतिक सत्यापन कराये गये तो मौके पर 137 तालाब गायब मिले। जिले में 13 बलराम तालाब, 120 खेत तालाब और 04 भू-जल संवर्धन के तालाब मौके पर निर्मित होना नहीं पाये गये, जबकि इन तालाबों की एवज में करोड़ों रूपयों का भुगतान अधिकारियों ने कर दिया। इसी तरह भौतिक सत्यापन में यह बात भी सामने आई कि जिले में खेत तालाब योजना के माध्यम से बनने वाले 248 तालाब, बलराम तालाब योजना से बनने वाले 15 तालाब एवं भू-जल संवर्धन के 17 तालाब भी सालों से अपूर्ण  हैं, जिनका भुगतान कर दिया गया है। इस बात की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के प्रतिवेदन में जिला कलेक्टर को पिछले दिनों सौंपी भी गई थी, साथ ही इस पत्र के माध्यम से यह भी कहा गया था कि 237 तालाबों के गायब होने की जांच हो जाने के बाद दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।
मिला आश्वासन
इस मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान कहा कि गायब तालाबों की जांच का मामला काफी लंबे समय से लंबित है। इस पूरे मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को मैं स्वयं उपस्थित होकर अवगत करा चुका हूॅं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आश्वापसन भी दिया गया है ।
श्री चौहान ने कहा है कि यदि एक महीने में शासन स्तर पर दोषी अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो मुझे मजबूर होकर सड़क पर आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।
                                                    .. तो उतरूंगा सड़कों पर
इस मामले में जाचं प्रतिवेदन सीहोर प्रशासन द्वारा अपर मुख्य सचिव किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल को सौंपा गया था, लेकिन जब लंबे समय तक घोटाले में लिप्त अधिकारियों पर गाज नहीं गिरी तो इससे नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने सीधे सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की बात बुधवार को पत्रकारों के सामने दीवाली मिलन समारोह के दौरान बातों ही बातों में कह दी।

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