सीहोर। शिक्षा और खेल दोनों को सिखाने के लिए बनाये गये आवासीय खेलकूद संस्थान के छात्र प्राचार्य से इस कदर प्रताडि़त हैं कि गुरूवार को वह नियमों को तोड़ते हुए 2 किलोमीटर पैदल दौड़ते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय जा पहुंचे और एसडीएम को फबक-फबक कर अपनी आपबीती सुनाई। इस मौके पर आक्रोषित छात्रों ने कलेक्ट्रेट गेट के सामने प्राचार्य मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर छात्रों को शिक्षा और खेल दोनों सिखाने के लिए आवासीय खेलकूद संस्थान का निर्माण किया गया है, जिसमें सैंकड़ों छात्र पढ़कर खेलकूद की गतिविधियों की शिक्षाग्रहण करते हैं, लेकिन खेलकूद संस्थान के प्राचार्य की मनमानी से संस्थान में अध्ययनरत् छात्र इस कदर परेशान हैं कि गुरुवार को वह 2 किलोमीटर दौड़कर अपनी आपबीती बताने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय जा पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचकर छात्र उस समय मायूस हो गये जब उन्हें कार्यालय में कलेक्टर नहीं मिले और एसडीएम को अपनी व्यथा सुनाकर संतोष करना पड़ा। हालांकि पूरे मामले में एसडीएम इच्छित गढ़पाले द्वारा जांच कराने की बात की गई है।
आवासीय खेलकूद संस्थान में अध्ययनरत् छात्र धर्मेन्द्र केरवाल और संतोष राठौर ने अग्रिबाण से चर्चा के दौरान बताया कि स्कूल में छात्रों को शौचालय एवं बाथरूम की सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार छात्रों से स्कूल प्रगति के नाम पर 500-500 रूपये जमा कराये गये हैं, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है, जब भी छात्र प्राचार्य से व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं तो प्राचार्य द्वारा छात्रों को अपशब्द बोलते हुए स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है।
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर छात्रों को शिक्षा और खेल दोनों सिखाने के लिए आवासीय खेलकूद संस्थान का निर्माण किया गया है, जिसमें सैंकड़ों छात्र पढ़कर खेलकूद की गतिविधियों की शिक्षाग्रहण करते हैं, लेकिन खेलकूद संस्थान के प्राचार्य की मनमानी से संस्थान में अध्ययनरत् छात्र इस कदर परेशान हैं कि गुरुवार को वह 2 किलोमीटर दौड़कर अपनी आपबीती बताने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय जा पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचकर छात्र उस समय मायूस हो गये जब उन्हें कार्यालय में कलेक्टर नहीं मिले और एसडीएम को अपनी व्यथा सुनाकर संतोष करना पड़ा। हालांकि पूरे मामले में एसडीएम इच्छित गढ़पाले द्वारा जांच कराने की बात की गई है।
आवासीय खेलकूद संस्थान में अध्ययनरत् छात्र धर्मेन्द्र केरवाल और संतोष राठौर ने अग्रिबाण से चर्चा के दौरान बताया कि स्कूल में छात्रों को शौचालय एवं बाथरूम की सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं है। इसी प्रकार छात्रों से स्कूल प्रगति के नाम पर 500-500 रूपये जमा कराये गये हैं, लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है, जब भी छात्र प्राचार्य से व्यवस्था सुधारने की बात करते हैं तो प्राचार्य द्वारा छात्रों को अपशब्द बोलते हुए स्कूल से निकालने की धमकी दी जाती है।

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