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शुक्रवार, 29 मार्च 2013

चोरी के सोने की तलाश में सीहोर पहुची खजुरी पुलिस 
-सराफा व्यपारी से की पूछताछ

सीहोर ! शुक्रवार को खजुरी पुलिस ने सीहोर के सराफा बाजार में अचानक दस्तक देकर सबको चोका दिया ! बताया जाता है की खजुरी पुलिस पिछले दिनों थाना क्षेत्र में हुए चोरी गए सोने की रकम के मामले में सीहोर पहुची थी और इस सिलसिले में एक सराफा व्यवसाई को भी पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई !
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताविक खजुरी थाना पुलिस शुक्रवार को अचानक सीहोर के सराफा बाजार पहुची और एक सराफा व्यपारी की दुकान पर पहुचकर लम्बी पूछ ताछ की और जिसके बाद संदेह के आधार पर सराफा व्यपारी को अपने साथ ले गई !
मिला 13 ग्राम सोना 
बताया जाता है की उक्त सराफा व्यपारी के यहा से पुलिस कारवाही के दौरान गिरफ्त में आये एक आरोपी की निशानदेही के आधार पर करीब 13 ग्राम सोना भी मिला है हालाँकि सराफा व्यपारी ने इस सोने को खरीदने की बात पुलिस के सामने की है और इस सोने को खरीदने के दौरान जो लिखा पड़ी हुई थी वह कागज भी खजुरी पुलिस के सामने प्रस्तुत किये है !
बेखबर रही सीहोर पुलिस 
खजुरी पुलिस चोरी गये सोने की रकम के मामले में जब शुक्रवार को सीहोर स्थित सराफा बाजार पहुची तब इसकी जरा सी भनक भी कोतवाली पुलिस को नहीं लगी ! सूत्र बताते है की पुलिस जिस गाड़ी में आई थी उस गाड़ी पर इंदौर जिले का आर टी ओ नम्बर अंकित था और पुलिस काफी देर तक सराफा व्यपारी से इस सिलसिले में बात करती रही और जिसके बाद सराफा व्यपारी को अपने साथ पूछताछ के ले गई !
कई जगह जुड़े है चोरी के तार 
सूत्र बताते है चोरी के इस मामले में सीहोर में कई लोगो पर शक की सुई घूम रही है ! पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगो को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है तो यह जानकारी सामने आ रही है की चोरी गई सोने की रकम का पूरा सौदा सीहोर में अलग अलग लोगो के साथ हुआ है और पुलिस पूछताछ के लिए अभी कई और लोगो को हिरासत में ले सकती है !

बुधवार, 27 मार्च 2013


दोराहा में हथियारों के जखीरे के साथ पकडाए 9 आरोपी 

-कई लुट और चोरियों के मामले में नामजद है आरोपी 
सीहोर । जिले के दोराहा थाना अंतर्गत दौराहा और श्यामपुर क्षेत्र के बीच में पुलिस ने गुरुवार देर रात अलग अलग स्थानों पर कारवाही करते हुए बड़ी मात्रा में हथियारों का जखीरा पकड़ने में कामयाबी हासिल की है ! पुलिस की इस कारवाही के दौरान नो लोग भी गिरफ्त में आये है जो पूर्व में चोरी और लुट जैसे कई संगीन जुर्म में आरोपी है !
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताविक पिछले कुछ दिनों से मुखविर तंत्र के जरिये जानकारी मिल रही थी की कुछ लोग श्यामपुर और दौराहा क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर अवेध हथियारों को बेचने और खरीदने का काम लम्बे समय से कर रहे है ! लगातार मिल रही जानकारी के बाद पुलिस अधिकारियो के मार्गदर्शन में दौराहा और श्यामपुर पुलिस की संयुक्त कारवाही में गुरुवार की शाम पुलिस ने मुखविर द्वारा बताये गए ठिकानो पर जब दबिश दी तो अलग अलग जगह हुई पुलिस कारवाही में इन ठिकानो पर बड़ी मात्रा में अवेध हथियार बरामद हुए है !
पिस्टल और देसी कट्टे....
पुलिस कारवाही के चलते इन ठिकानो पर पुलिस को बड़ी मात्रा में पिस्टल ,देसी कट्टे ,315 बोर बन्दुक और कई तरह की आपतिजनक सामग्री मिली है 
नो लोग हिरासत में ......

पुलिस ने इस कारवाही के दौरान अवेध हथियारों के साथ करीब 9 लोगो को हिरासत में लिया है बताया जाता है की इन सभी लोगो पर पूर्व में कई तरह की लुट और चोरी के मामले अलग अलग थानों में चल रहे है 
आज 3 बजे खुलासा करेंगी पुलिस 
दौराहा और श्यामपुर क्षेत्र में अलग अलग ठिकानो पर पुलिस कारवाही के दौरान जिस तरह आरोपियों के साथ अवेध हथियारों का जखीरा बरामद करने में पुलिस ने सफलता हासिल की है उसके बाद पुलिस की खुसी का ठिकाना नहीं है ! इस पुरे मामले में आज 3 बजे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मीडिया कर्मियों के सामने इस पुरे मामले की जानकारी देंगे

मंगलवार, 26 मार्च 2013


विदेशी रायफल के साथ मिला हथियारों का जखीरा, आरोपी फरार
-स्वाद और पैसे के लालच में होता है शिकार-एसडीओपी
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
सीहोर। गत रविवार को आष्टा में हिरण के शिकार के बाद पुलिस को मुखबिर की सूचना पर इस शिकार मामले के तार सीहोर से जुड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने इस सूचना के आधार पर सोमवार को देर रात को कस्बा क्षेत्र के अजीज टायर वाले के घर पर छापामार कार्रवाई कर हथियारों का जखीरा पकड़ा है। इसमें शिकार में प्रयुक्त अमेरिका निर्मित एक रायफल और एयर गन के अलावा खून से सने आठ छुरे, तलवार, 2 कुल्हाड़ी, 124 जिंदा कारतूस एवं 450 से अधिक चले हुए कारतूस की खेप मिली है। जिससे पुलिस को यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कोई बड़ा संगठन शिकार मामले में लगा हुआ है।
शिकार हुए जानवर को हर अंग अमूल्य
शिकारी वन जीवों का शिकार कर स्वाद के साथ इसके मांस का सेवन करते है एवं इसका मांस, खाल, नाखून और सिंग आदि भी जिले के अंदर और बाहर भी बेचते है। रविवार को हिरणों के शिकार मामले में आरोपियों के तार सीहोर, भोपाल, विदिशा सहित अन्य जिलों से जुड़े हुए है। सोमवार को आष्टा में आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। शिकार हुए जानवरों का पोस्टमार्टम भी हो चुका है।
आरोपी के घर से मिला पका मांस
मंगलवार को एसडीओपी श्री बंसल ने बताया कि कस्बा निवासी अजीज टायर वाले के निवास से मिले खून से सने हथियारों के साथ छापामार कार्रवाई में घर से पका हुआ मांस भी मिला है। यह पका हुआ मांस किस प्राणी का है अभी तक इसका खुलासा नही हो सका है। इस मांस को प्रयोगशाला में भेजा जाएगा।
मांस से बनता था आचार
आरोपी के घर से जांच के दौरान स्टील के डब्बों में सूखें मांस को लेकर पुलिस ने आशंका जाहिर करते हुए एसडीओपी श्री बंसल ने बताया कि यहां पर बड़ी मात्रा में सूखें मांस का मिलना इस बात का संकेत देता है कि मांस से आचार भी बनाया जाता होगा। हिरण और जानवरों के मांस के आचार की कीमत अच्छी होने के कारण यहां पर सूखे मांस के होने के भी सबूत मिले है।
पत्रकारवार्ता में जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी 
 आरोपी फरार, पुलिस सक्रिय
रविवार को आष्टा में हुए शिकारियों की गिरतारी के बाद पुलिस ने हर कोण से जांच शुरू कर दी है। सोमवार को देर रात को मुखबिर की सूचना के आधार पर कस्बा स्थित घर से मिले हथियारों के जखीरें ने इस बात के संकेत देना शुरू कर दिए है कि जिले में बड़ा संगठन वन प्राणियों का शिकार कर इनको ऊंचे दामों में बेचता है। छापे के दौरान आरोपी तो फरार हो गया था, लेकिन पुलिस आरोपी को लेकर सक्रिय हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरत में आने के बाद और भी बड़े खुलासे होने की उमीद है।


शुक्रवार, 15 मार्च 2013







मुख्यमंत्री ने दिया शहीद को कांधा
बुधवार को जम्मू में एक आतंकी हमले के दौरान सीहोर जिले के इछावर के छोटे से गावं में रहने वाले शहीद ओमप्रकाश की पार्थिव देह आज सेना के विशेष विमान से भोपाल ली गई जिसके बाद एक फूलो से सजे एक वाहन में शहीद ओमप्रकाश का पार्थिव देह सीहोर लाया गया और शहीद ओमप्रकाश का अंतिम संस्कार उसके ग्रेह ग्राम शाहपुरा जमुनिया में पुरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया ! शहीद के अंतिम यात्रा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिव राज सिंग चौहान ने शहीद ओमप्रकश की अर्थी को कांधा दिया इस दौरान अंतिम संस्कार में लोकसभा की नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और कई बड़ी हस्तिय मौजूद थी !


                                                                        






शहीद को सलामी देने उमड़े लोग  

                                                शहीद को सलामी देने उमड़े लोग 

सीहोर। जमू में बुधवार को आतंकी हमले में शहीद हुए सीहोर जिले के ओमप्रकाश मर्किया के अंतिम दर्शन पाने के लिए आज सुबह सीहोर से लेकर शहीद के पेतर्क गावं तक हजारो लोग जुटे । इधर शुक्रवार को सुबह 10 बजे सीहोर के सेकड़ाखेडी चौराहे पर राजनेतिक हस्तियों और शहर के लोगो ने शहीद ओमप्रकाश की पार्थिव दह पर फूल चदाये और उनको अंतिम विदाई दी वही इछावर तहसील आज सुबह से पूरी तरह बंद रही और करीब दस हजार की तादाद में लोग इछावर से शहीद के गांव जाने वाले मार्ग के दोनों और खड़े होकर पुष्पंजली अर्पित करते हुए नजर आये ।
शुक्रवार सुबह सूरज की पहली किरण के साथ जिले वासियों ने सीहोर से लेकर शहीद ओमप्रकाश के पेतर्क गावं तक अलग जगह एकत्रित होकर अपने शहीद सपूत को अंतिम विदाई पुष्पांजलि देकर अर्पित की । शुक्रवार सुबह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शहीद ओमप्रकाश की पार्थिव देह सेना के विशेष विमान से पहले दिल्ली से भोपाल लाया गया जिसके बाद एक वाहन में शहीद ओमप्रकाश का पार्थिव देह रखकर भोपाल से शहीद के गावं शाहपुरा जमुनिया तक ले जाया गया ।
शहीद की राहो में बिछाए फुल 
भोपाल से शहीद ओमप्रकाश की पार्थिव देह जैसे ही सीहोर आई तो यहाँ सेखडाखेडी जोड़ पर हजारो की तादाद में जमा लोगो ने शहीद ओमप्रकाश जिंदाबाद ,शहीद ओमप्रकाश अमर रहे के नारे लगाकर शहीद के पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद के पार्थिव देह पर दिए लगाये । इस पुष्पांजलि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सीहोर विधायक रमेश सक्सेना ,नरेश मेवाडा ,कैलाश परमार ,राकेश राय,हरीश राठौर ,मिन्दी अरोरा ,गिरधर कुईया,राजाराम बड़े भाई,प्रदीप गौतम ,रमाकांत समाधिया आदि लोग प्रमुख रूप से शामिल थे ।
              इछावर बंद रख शहीद को दी सलामी
इछावर तहसील के ग्राम शाहपुरा जमुनिया के रहने वाले शहीद ओमप्रकाश की शहादत को सलामी देने और अपने लाडले सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए इछावर वासियों ने आज बाजार बंद रख अपनी श्रधांजलि अर्पित की । आज सुबह से इछावर से लेकर शहीद ओमप्रकाश के गावं शहपुरा जमुनिया तक सड़क के दोनों और क्या बच्चे क्या बुडे और क्या महिलाये सभी ने हजारो की तादाद में एकत्रित होकर अपने सपूत शहीद की राह में जमकर फुल वर्साये और पुष्पांजलि अर्पित की । इस दौरान आलम यह था की सुबह 6 बजे से शहीद ओमप्रकाश के अंतिम दर्शन पाने के लिए करीब दस हजार से ज्यादा लोग घरो से निकल कर इछावर की सडको पर आ गए ।
               मची चीख पुकार
आज जैसे ही दोपहर 12 बजे शहीद ओमप्रकाश का पार्थिव देह उसके पेतर्क गावं शाहपुरा जमुनिया पंहुचा तो अपने लाडले के अंतिम दर्शन पाने के लिए पूरा गावं उलट पड़ा और गावं के हर कोने से लोगो के विलखने की आवाजे आने लगी इधर जैसे ही शहीद ओमप्रकाश के अंतिम दर्शन के लिए उसकी पार्थिव देह को वाहन से निकलकर परिवारजनों को बुलाया गया तो शहीद ओमप्रकाश के परिजनों ने रो रो कर अपना बुरा हल कर लिया और चारो और से रुदन की आवाजे ही सुनाई दे रही थी ।

बुधवार, 13 मार्च 2013


और 15 दिन बाद चला गया वो  हमेशा  के लिए ...............
-आंतकवादी  हमले में शहीद हुआ सीहोर का सपूत
-पांच साल पहले सी आर पी एफ में हुआ था शामिल
शहीद  ओमप्रकाश 

-शुक्रवार को राजकीय सम्मान  के साथ होगा अंतिम संस्कार 

अमित कुईया
सीहोर । बुधवार को जमू  कश्मीर में हुए एक आंतकवादी हमले के दौरान पांच जवान जो शहीद हुए है उनमे से एक जिले के इछावर तहसील में रहने वाले ओमप्रकाश मकारिया  भी उन लोगो में शामिल हो गए जिन्होंने अपने देश की रक्षा का संकल्प लेकर अपनी जान गवा दी,और देश की रक्षा का संकल्प लेकर जान गवाने वाले ओमप्रकाश वह संकल्प भूल गए जो उन्होंने आखरी वार  15 दिन पूर्व अपने परिजनों को दिया था की .....में घर जल्द वापस आऊंगा हलाकि वह तो वापस नहीं आये लेकिन उनके मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को बुधवार शाम पांच बजे प्रशासनिक  अधिकारियो से लगी मानो उन पर जैसे वज्र पात हो गया हो और उनकी सांसे जैसे थम सी गई हो और चेहरे इस बात को मानने से इंकार कर रहे हो की उनका कोई अपना हमेसा के लिए उनको छोड़ गया । यह नजारा था जिले की इछावर तहसील के उस गावं का जहा एक माँ का लाडला ,एक पत्नी का पति और और दो बच्चो का पिता उनको हमेसा के लिए अनायास ही छोड़ गया।
    जिले की इछावर तहसील के छोटे से गावं जमुनिया ह्तेह्पुर में अब से पांच साल पहले देश की रक्षा का संकल्प लेकर 32 वर्षीय ओमप्रकाश मरकिया ने सी आर पी एफ  बटालियन का हिस्सा बना। लेकिन 13  मार्च की सुबह  अचानक बटालियन के शिविर पर हुए हमले में उसने अपनी जान गवा दी !जैसे ही उसकी मौत की खबर प्रशासनिक सूत्रों के जरिये उसके परिजनों को मिली तो मानो उनके होंस उड़ गए और पुरे ग्रामीण क्षेत्र में मानो इस खबर के तूफान के बाद के सन्नाटे सा माहोल खीच गया
  गावं के हर छोर से निकली रुदन की आवाजे
जैसे ही शाम पांच बजे ओमप्रकाश के शहीद होने की जानकारी गावं के सरपंच रामनारायण को प्रशासनिक तंत्र ने दी वैसे ही यह बात हवा की तरह कुछ ही मिनटों में पुरे गावं सहित आसपास के क्षेत्रो में फ़ैल गई और मातम का माहौल छा गया । ओमप्रकाश के शहीद होने की सुचना गावं के सरपंच रामनारायण ने जैसे ही परिजनों को सुनाई वेसे ही शहीद ओमप्रकाश की पत्नी कोमलबाई गस्त खाकर जमीन पर गिर पड़ी और शहीद की माँ के तो मानो होश उड़ गए और कुछ ही मिनटों में इन सभी की तबियत बिगडऩे लगी जिसके बाद शहीद ओमप्रकाश की पत्नी की नाजुक हालत देखते हुए उसे इछावर अस्पताल पहुचाया गया और अभी उसका इलाज जिला अस्पताल सीहोर में चल रहा है इधर शहीद ओमप्रकाश की माँ और भाई ,बहनों की हालत भी इस मनहूस खबर को सुनने के बाद अचानक बुधवार की शाम बिगड़ गई और इन सभी को इछावर अस्पताल भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार को शहीद का होगा अंतिम संस्कार
जिले के प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताविक जमू में आंतकवादी हमले में शहीद हुए सीहोर जिले के सपूत ओमप्रकाश का शव शुक्रवार को सेना के विशेस विमान से सुबह शहीद ओमप्रकाश के गावं ठेपुर जमुनिया लाया जाएगा । सूत्रों के मुताविक इसके लिए पूरी तैयारिया कर ली गई है साथ विमान की लैंडिंग के लिए आस्थाई हेलीपेड का निर्माण गुरुवार को कर लिया गया है । इस सबन्ध में जानकारी देते हुए इछावर एस डी ?म आर. आर चौधरी ने बताया की शुकर्वार को शहीद ओमप्रकाश का शव विमान से सुबह लाया जा रहा है जिसके बाद गावं में पुरे राजकीय समान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारिया की जा रही है ।
 मुयमंत्री होंगे शामिल
अपूस्ठ सूत्रों से जानकारी यह भी सामने आ रही की जमू में शहीद हुए सीहोर जिले के सपूत ओमप्रकाश के अंतिम संस्कार में शुक्रवार  को मुयमंत्री सहित प्रदेश के कई मंत्री भी शामिल होंगे
इनका कहना है
सी आर पी एफ के हवाले से जानकारी मिली है की शहीद ओमप्रकाश का शव शुकर्वार को विमान से इछावर आएगा ,शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारिया पूरी कर ली गई है ! यह बड़ी दुखद घटना है और इस दु:ख की घड़ी में हम सभी शहीद ओमप्रकाश के परिवार के साथ है और हम सभी जिले के और प्रदेश के वासी शहीद ओमप्रकाश की शहादत को सलाम करते है
कविन्द्र कियावत ,कलेक्टर सीहोर

मंगलवार, 15 जनवरी 2013

संगीनों के साए में हुआ अंतिम संस्कार

रास्ते के विवाद को लेकर दो घंटे तक रखा रहा वृद्ध का शव


रास्ते में रखा वृद्ध का शव 
सीहोर। जिला मु यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खामलिया में मंगलवार की सुबह उस समय अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई, जब गांव के एक वृद्ध की शवयात्रा के दौरान दो ग्रामीण पुरानी रंजिश को लेकर आमने- सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से खुलकर घातक हथियारों का उपयोग किया गया। नतीजतन शवयात्रा में शामिल ग्रामीणों ने शव को रास्ते में रखकर अपना विरोध प्रकट किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके की स्थिति को नियंत्रण में किया और उसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के दोराहा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम खामलिया निवासी 70 वर्षीय जयकिशन नामक वृद्ध का निधन हो गया था। मंगलवार की सुबह जब वृद्ध की शवयात्रा निकाली जा रही थी तभी रास्ते में गांव के पूर्व सरपंच मनोहर सिंह और शवयात्रा में शामिल रमेश नामक ग्रामीण का पूर्व की रंजिश को लेकर विवाद हो गया।
और निकल आए हथियार
बताया जाता है कि पूर्व सरपंच मनोहर सिंह का गांव के ही रमेश व अन्य लोगों से पुरानी रंजिश चली आ रही है। शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तब उसने रमेश सहित अन्य ग्रामीणों से कहा कि संभलकर निकलना, कहीं कंडे न टूट जाएं। इस बात को लेकर रमेश व मनोहर में विवाद होने लगा। स्थिति उस समय और विकट हो गई जब दोनों पक्षों की ओर से ग्रामीण घातक हथियारों के साथ आमने- सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा खुलकर हथियारों का उपयोग किया गया। नतीजतन पूर्व सरपंच मनोहर व रमेश सहित अन्य ग्रामीणों को चोटें आईं।
रास्ते में रख दिया शव
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वृद्ध के शव को रास्ते में ही रख दिया और अपना विरोध प्रकट करने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद दोराहा थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाईश देते हुए स्थिति को काबू में किया। आखिरकार ग्रामीण मान गए और वह वृद्ध का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। वृद्ध का अंतिम संस्कार किए जाते समय भारी पुलिस बल श्मशान घाट पर मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वृद्ध का शव दो घंटे तक रास्ते में ही रखा रहा।
इनका- इनका कहना
गांव के वृद्ध जयकिशन की शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तभी मनोहर सिंह ने शवयात्रा को उसके घर के पास से निकलने का विरोध किया। उसका कहना था कि यह जमीन सरकारी नहीं है। इसका मालिक वह है।
माखन सिंह मेवाड़ा
ग्रामीण, खामलिया
मैंने कभी किसी शवयात्रा को मेरी जमीन से निकलने के लिए मना नहीं किया, लेकिन गांव के रमेश व उसके साथी जानबूझकर मेरे कंडों को कुचलकर निकल रहे थे। मैंने मना किया तो वह लड़ाई पर उतारू हो गए।
मनोहर सिंह मेवाड़ा
पूर्व सरपंच ग्राम खामलिया
शवयात्रा के दौरान ग्रामीणों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले का पटाक्षेप किया और वृद्ध का सस मान अंतिम संस्कार कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमित सक्सेना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

रविवार, 13 जनवरी 2013

                                                " मोहे  पडन  दो       बाबूल अभी न ब्याहो..".
               .............नाबलिग ने बालिका वधू बनने से किया इंकार

       अमित कुईया 

छात्रा प्रियंका छात्रावास सह अधीक्षक श्रीमती सुशीला चौरसिया के साथ 
सीहोर। बाबा! अभी मेरी पढऩे की उम्र है,अ भी मेरे हाथ पीले मत करो। यह मार्मिक गुहार लगा रही है ग्राम जमोनिया टैंक स्थित बालिका छात्रावास में रहकर कक्षा आठवीं की पढ़ाई करने वाली 13 वर्षीय ग्रामीण छात्रा प्रियंका मेवाड़ा, जिसके पिता उसे कम उम्र में ही बालिका वधु बनाने पर आमादा है।
    मामला जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम जमोनिया टैंक में जिला शिक्षा केन्द्र द्वारा संचालित शासकीय बालिका छात्रावास का है, जंहा  कक्षा आठवीं में पढने करने वाली ग्राम दुपाडिय़ा दांगी निवासी प्रियंका मेवाड़ा की शादी उसका पिता 13 साल की कच्ची उम्र में करने पर आमदा है लेकिन इसे प्रियंका का साहस ही कहेंगे की वह अपने पिता की इस जिद के आगे भी मजबूत खड़ी  रही और उसने अपने पिता की गैर क़ानूनी जिद की जानकारी  छात्रावास संचालको सहित जिम्मेदारो को बताई 
 मीडिया को बताई व्यथा 
ग्राम दुपाडिय़ा दांगी निवासी चांद सिंह की 13 वर्षीय पुत्री प्रियंका मेवाड़ा ग्राम जमोनिया टैंक के बालिका छात्रावास में रहकर कक्षा आठवीं की पढ़ाई कर रही है।  रविवार को छात्रावास पहुंचे इस संवाददाता को अपनी व्यथा सुनाते हुए निडर छात्रा प्रियंका ने बताया कि उसके पिता चांद सिंह मेवाड़ा 13 वर्ष की उम्र में ही उसके हाथ पीले करना चाह रहे हैं, जबकि वह अभी शादी न करते हुए आगे और पढ़ाई करने के सपने संजोए है।
छात्रावास की छत पर चढ़ी
मासूम मगर साहसी छात्रा प्रियंका ने बताया कि गत 8 जनवरी को उसके पिता चांदसिंह मेवाड़ा उसे लेने छात्रावास आए थे, लेकिन कम उम्र में अपनी शादी का विरोध कर रही प्रियंका उनसे बचने के लिए छात्रावास की तीसरी मंजिल पर जाकर छुप गई थी। उसे पता था कि अगर वह पिता के साथ घर चली गई तो वह उसकी शादी कराकर ही दम लेंगे, लेकिन   छात्रावास पहुंचा उसका पिता चांदसिंह उसे लेकर जाने की जिद पर अड़ा हुआ था और इस दौरान उसकी बहस छात्रावास की सह अधीक्षक श्रीमती सुशीला चौरसिया से भी बहस हो गई। आखिर उसने लिखित में आश्वासन दिया कि वह अपनी बड़ी पुत्री  प्रीति की विवाह रस्म के लिए प्रियंका को ले जा रहा है, तथा वह उसकी शादी नहीं करेगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद छात्रावास प्रबंधन ने उसे पिता के साथ जाने दिया।
...........और करा दी लग्र
लिखित आश्वासन देने के बाद भी चांदसिंह मेवाड़ा अपनी पुत्री प्रियंका को गांव ले गया और बकौल प्रिंयका के उसकी भी बहन के साथ लग्र की रस्म अदा कर दी।  इसके बाद 11 जनवरी को प्रिंयका का फुफा अशोक उसे वापस छात्रावास में छोड़ गया। छात्रावास पहुंचकर प्रियंका ने सारा वाक्या छात्रावास की सह अधीक्षिका श्रीमती सुशीला चौरसिया को बताया। इस पर श्रीमती चौरसिया ने जिला शिक्षा केन्द्र समन्वयक अशोक पराड़कर को पूरे वाक्ये से अवगत कराया। इस दौरान छात्रा ने भी लिखकर दिया कि वह अभी शादी नहीं करना चाहती है।
23 को होना है शादी
प्रियंका मेवाड़ा ने बताया कि उसके पिता ने ग्राम छतरी निवासी एक युवक से शादी तय कर दी है और आगामी 23 जनवरी को उसके पिता उसकी शादी करा देंगे।  इस मामले को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाने में छात्रावास की सह अधीक्षिका श्रीमती सुशीला चौरसिया एवं गांव की जागरूक सरपंच श्रीमती गीता राठौर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
इनका कहना है
छात्रावास की सह अधीक्षिका ने मुझे इस बारे में बताया था तो मैंने बालिका के पिता चांदसिंह मेवाड़ा को बुलाकर उसे समझाईश दी है और उसने लिखित में आश्वासन भी दिया है कि वह अपनी नाबालिग पुत्री प्रियंका की शादी नहीं करेगा। इसके बाद भी अगर वह प्रियंका की शादी करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
अशोक पराड़कर
डीपीसी, जिला शिक्षा केन्द्र

25 हजार रूपए में एक रात की दूल्हन
              जिले में शादी के नाम पर महिलाओं की तस्करी
                         ..........................      ग्राम मगरखेड़ा से लौटकर (अमित कुईया )
सीहोर। मूक मवेशियों की तरह अब महिलाएं भी शादी के नाम पर बिकने लगी हैं। ऐसा ही एक मामला मगरखेड़ा में देखने को मिला है जहां मानव तस्कर गिरोह ने एक ग्रामीण को 25 हजार रूपए में एक महिला बेच दी, लेकिन वह महिला ग्रामीण के चुंगल से भागने का प्रयास कर रही थी पर ग्रामीण ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने महिला को खरीदने वाले ग्रामीण को फरियादी बनाते हुए महिला को आरोपी सिद्ध कर दिया और उसे जेल पहुंचा दिया है।
जिले में इन दिनों महिलाओं को अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। ऐसा ही एक हैरतअंगेज मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी अनुसार समीपस्थ ग्राम मगरखेड़ा निवासी कमलेश गौर आत्मज देवबगस गौर के पास गत दिनों दो पुरूष मनोहर एवं मानसिंह तथा एक महिला आशबाई आए थे। उन्होंने कमलेश को झांसा दिया कि वह अगर उन्हें 25 हजार रूपए दे तो वह एक महिला से उसकी शादी करा सकते हैं। अपनी पत्नी से अलगाव होने के बाद अकेले रह रहे कमलेश गौर ने उनकी बात सुनकर रजामंदी जाहिर कर दी तो अगले दिन मानसिंह, मनोहर और आशाबाई 24 वर्षीय एक महिला  सीमाबाई को लेकर उसके पास आए।
और खरीद ली पत्नी
कमलेश ने सीमाबाई को देखने के बाद उससे शादी करने की मंजूरी देते हुए मानसिंह, मनोहर और आशाबाई के हाथ में 25 हजार रूपए रखते हुए सीमाबाई को खरीद लिया। इसके बाद वह तीनों लोग सीमाबाई और कमलेश को लेकर सीहोर जिला न्यायालय लेकर पहुंचे और एक वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट मैरिज करा दी। इसके बाद कमलेश अपनी नव विवाहिता सीमाबाई को लेकर अपने गांव मगरखेड़ा लौट आया और दोनों ने एक- दूजे के साथ रात गुजारी।
पर रास न आया साथ
खुद को 25 हजार रूपए में बेचे जाने से आहत सीमाबाई ने किसी तरह रात तो कमलेश के साथ गुजारी लेकिन अगले ही दिन उसने कमलेश से पीछा छुड़ाने के उद्देश्य से पेट दर्द का बहाना बनाया तो कमलेश उसे अपने साथ लेकर श्यामपुर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। उपचार के बाद जब कमलेश सीमाबाई को लेकर वापस गांव लौट रहा था तभी रास्ते में सीमाबाई ने उसके चुंगल से भागने का प्रयास किया, लेकिन कमलेश ने उसे पकड़  लिया। इस दौरान तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई और उन दोनों को पुलिस अपने साथ चौकी पर ले आई। पुलिस ने यहां कमलेश की शिकायत पर बेची गई महिला को ही आरोपी मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे बेचने वाले आरोपियों का सहभागी मानते हुए भादवि की   धारा 384, 385, 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने सीमाबाई को पूछताछ के बाद जेल पहुंचा दिया है और उसे बेचने वालों की तलाश प्रारंभ कर दी है।
                                                               कमलेश को साफ बचाया
यह वह युवक कमलेश है  जो शादी के नाम ठगा गया 
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने 25 हजार रूपए में महिला को खरीदने वाले कमलेश को आरोपी न मानते हुए फरियादी बनाया है, जबकि महिला की खरीद- फरोख्त के मामले में उस पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना था।
इ नका कहना है
पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महिला उस गिरोह की साथी है जो शादी के नाम पर लोगों को ठगते हैं। आरोपी महिला सीमाबाई को जेल पहुंचा दिया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
आलोक सोनी
श्यामपुर पुलिस चौकी प्रभारी

मंगलवार, 8 जनवरी 2013

18 बच्चियों की अनुपस्थिति पर आयोग की अध्यक्ष ने मांगा जवाब
सीहोर। मुख्यालय पर मानसिक विकलांग बच्चियों के लिए संचालित ब्राईट स्टार छात्रावास का मंगलवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने छात्रावास में रह रही बच्चियों के हाल जानें, तो वहीं छात्रावास की अव्यवस्थाओं के खिन्न होकर उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार भी लगाई। साथ ही उन्होंने इन बच्चियों को बंटने वाले मध्यान्ह भोजन पर भी नाखुशी जाहिर की, तो इधर छात्रावास में उनके निरीक्षण के दौरान 18 बच्चियों की अनुपस्थिति को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया।
मंगलवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी मुख्यालय पर स्थित एनजीओ द्वारा संचालित ब्राईट स्टार छात्रावास केंद्र पर पहुंची। यहां उन्होंने मानसिक विकलांग बच्चियों के संचालित इस छात्रावास की व्यवस्थाओं को देखा, तो वहीं उन्होंने छात्रावास में अन्य जरुरी व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। अपने निरीक्षण के दौरान श्रीमती चतुर्वेदी ने मानसिक विकलांग बच्चियों के लिए संचालित इस छात्रावास में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तो उन्हें हर जगह अव्यवस्थाएं नजर आईं, जिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए आयोग की अध्यक्ष ने छात्रावास की जिम्मेदारों और अन्य अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए।
ठिठुर रही थीं बच्चियां
मंगलवार को जिस वक्त बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी निरीक्षण के लिए ब्राईट स्टार छात्रावास पहुंची तो उन्होंने देखा कि यहां पर रह रहीं मानसिक विकलांग बच्चियों को ठंड से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और बच्चियां उनके निरीक्षण के दौरान गरम कपड़ों के अभाव में ठिठुरती हुई नजर आईं, जिस पर आयोग अध्यक्ष श्रीमती चतुर्वेदी ने नाराजगी जाहिर करते हुए डीपीसी से जवाब-तलब किया है।
होती है मारपीट
आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने अपने निरीक्षण के दौरान यहां पर रह रही मानसिक विकलांग बच्चियों से व्यवस्थाओं को लेकर बंद कमरे में जब जानकारी ली तो इन बच्चियों ने कहा कि हमारे साथ मारपीट की जाती है, साथ ही हमें डराया-धमकाया भी जाता है। इस मामले में आयोग की अध्यक्ष ने आठ बच्चियों के बयान दर्ज किए हैं, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के निर्देश दिए हैं कि इस पूरे मामले में जांच की जाए।
बूढ़े कंधे पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने निरीक्षण के दौरान छात्रावास की वार्डन एवं अन्य कर्मचारियों के बारे में जब जानकारी चाही तो यह बात सामने आई कि मानसिक विकलांग बच्चियों के लिए संचालित इस छात्रावास में 28 बच्चियों की सुरक्षा का जिम्मा एक बुजुर्ग वार्डन के जिम्मे है। जिसके बाद यह साफतौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कभी इस छात्रावास में किसी तरह की अनहोनी इन बच्चियों के साथ होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
मध्यान्ह भोजन पर उठी उंगलियां
बाल आयोग की अध्यक्ष श्रीमती चतुर्वेदी ने आज अपने निरीक्षण के दौरान उस स्कूल का दौरा भी किया जहां पर मानसिक विकलांग छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है। आयोग अध्यक्ष जिस वक्त मनु बेन स्कूल में निरीक्षण के दौरान पहुंची तो उन्होंने यहां बंटने वाले मध्यान्ह भोजन पर भी सवाल खड़े कर दिए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों को ताकीद की कि व्यवस्थाओं में सुधार लाया जाए।
क्यों अनुपस्थित हैं बच्चियां?
गौरतलब है कि ब्राईट स्टार छात्रावास जो कि मानसिक विकलांग बच्चियों के लिए संचालित है, इस छात्रावास में शिकायतों के बाद पिछले दिनों एसडीएम हृदेश श्रीवास्तव ने निरीक्षण किया था, इस निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई थी कि छात्रावास में करीब 16 बच्चियां पिछले लंबे समय से अनुपस्थित हैं, जिसको लेकर एसडीएम श्री श्रीवास्तव ने एक जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी थी, लेकिन मजेदार बात यह है कि इस निरीक्षण के ठीक कुछ दिन बात बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी के निरीक्षण के दौरान इन बच्चियों की उपस्थिति मंगलवार को भी नजर नहीं आई। जिसके बाद मंगलवार को बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा चतुर्वेदी ने अनुपस्थित मानसिक विकलांग बच्चियों का छात्रावास में न रहने पर न केवल जानकारी चाही है, बल्कि डीपीसी के जिम्मेदारों से इस पूरे मामले में जल्दी ही जांच प्रतिवेदन तैयार कर शासन स्तर पर भेजने के निर्देश दिए हैं। अब देखना यह है कि श्रीमती चतुर्वेदी के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे मामले में छात्रावास के संचालकों के खिलाफ क्या कड़ा रुख अख्तियार किया जाता है।
इनका कहना है
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने आज छात्रावास का निरीक्षण किया है। कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आई हैं, जिसके बाद छात्रावास संचालक को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उनके निरीक्षण के दौरान 18 बच्चियां अनुपस्थिति पाई गई हैं, जिसको लेकर उन्होंने जवाब मांगा है। इस मामले में सत्यापन रिपोर्ट शासन स्तर पर सौंपी जाएगी।
अशोक पराडकर
डीपीसी, सीहोर