संगीनों के साए में हुआ अंतिम संस्कार
रास्ते के विवाद को लेकर दो घंटे तक रखा रहा वृद्ध का शव
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| रास्ते में रखा वृद्ध का शव |
सीहोर। जिला मु यालय से महज 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम खामलिया में मंगलवार की सुबह उस समय अप्रिय स्थिति निर्मित हो गई, जब गांव के एक वृद्ध की शवयात्रा के दौरान दो ग्रामीण पुरानी रंजिश को लेकर आमने- सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से खुलकर घातक हथियारों का उपयोग किया गया। नतीजतन शवयात्रा में शामिल ग्रामीणों ने शव को रास्ते में रखकर अपना विरोध प्रकट किया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके की स्थिति को नियंत्रण में किया और उसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के दोराहा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम खामलिया निवासी 70 वर्षीय जयकिशन नामक वृद्ध का निधन हो गया था। मंगलवार की सुबह जब वृद्ध की शवयात्रा निकाली जा रही थी तभी रास्ते में गांव के पूर्व सरपंच मनोहर सिंह और शवयात्रा में शामिल रमेश नामक ग्रामीण का पूर्व की रंजिश को लेकर विवाद हो गया।
और निकल आए हथियार
बताया जाता है कि पूर्व सरपंच मनोहर सिंह का गांव के ही रमेश व अन्य लोगों से पुरानी रंजिश चली आ रही है। शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तब उसने रमेश सहित अन्य ग्रामीणों से कहा कि संभलकर निकलना, कहीं कंडे न टूट जाएं। इस बात को लेकर रमेश व मनोहर में विवाद होने लगा। स्थिति उस समय और विकट हो गई जब दोनों पक्षों की ओर से ग्रामीण घातक हथियारों के साथ आमने- सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा खुलकर हथियारों का उपयोग किया गया। नतीजतन पूर्व सरपंच मनोहर व रमेश सहित अन्य ग्रामीणों को चोटें आईं।
रास्ते में रख दिया शव
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वृद्ध के शव को रास्ते में ही रख दिया और अपना विरोध प्रकट करने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद दोराहा थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाईश देते हुए स्थिति को काबू में किया। आखिरकार ग्रामीण मान गए और वह वृद्ध का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। वृद्ध का अंतिम संस्कार किए जाते समय भारी पुलिस बल श्मशान घाट पर मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वृद्ध का शव दो घंटे तक रास्ते में ही रखा रहा।
इनका- इनका कहना
गांव के वृद्ध जयकिशन की शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तभी मनोहर सिंह ने शवयात्रा को उसके घर के पास से निकलने का विरोध किया। उसका कहना था कि यह जमीन सरकारी नहीं है। इसका मालिक वह है।
माखन सिंह मेवाड़ा
ग्रामीण, खामलिया
मैंने कभी किसी शवयात्रा को मेरी जमीन से निकलने के लिए मना नहीं किया, लेकिन गांव के रमेश व उसके साथी जानबूझकर मेरे कंडों को कुचलकर निकल रहे थे। मैंने मना किया तो वह लड़ाई पर उतारू हो गए।
मनोहर सिंह मेवाड़ा
पूर्व सरपंच ग्राम खामलिया
शवयात्रा के दौरान ग्रामीणों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले का पटाक्षेप किया और वृद्ध का सस मान अंतिम संस्कार कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमित सक्सेना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के दोराहा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम खामलिया निवासी 70 वर्षीय जयकिशन नामक वृद्ध का निधन हो गया था। मंगलवार की सुबह जब वृद्ध की शवयात्रा निकाली जा रही थी तभी रास्ते में गांव के पूर्व सरपंच मनोहर सिंह और शवयात्रा में शामिल रमेश नामक ग्रामीण का पूर्व की रंजिश को लेकर विवाद हो गया।
और निकल आए हथियार
बताया जाता है कि पूर्व सरपंच मनोहर सिंह का गांव के ही रमेश व अन्य लोगों से पुरानी रंजिश चली आ रही है। शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तब उसने रमेश सहित अन्य ग्रामीणों से कहा कि संभलकर निकलना, कहीं कंडे न टूट जाएं। इस बात को लेकर रमेश व मनोहर में विवाद होने लगा। स्थिति उस समय और विकट हो गई जब दोनों पक्षों की ओर से ग्रामीण घातक हथियारों के साथ आमने- सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों द्वारा खुलकर हथियारों का उपयोग किया गया। नतीजतन पूर्व सरपंच मनोहर व रमेश सहित अन्य ग्रामीणों को चोटें आईं।
रास्ते में रख दिया शव
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वृद्ध के शव को रास्ते में ही रख दिया और अपना विरोध प्रकट करने लगे। घटना की सूचना मिलने के बाद दोराहा थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाईश देते हुए स्थिति को काबू में किया। आखिरकार ग्रामीण मान गए और वह वृद्ध का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गए। वृद्ध का अंतिम संस्कार किए जाते समय भारी पुलिस बल श्मशान घाट पर मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वृद्ध का शव दो घंटे तक रास्ते में ही रखा रहा।
इनका- इनका कहना
गांव के वृद्ध जयकिशन की शवयात्रा जब पूर्व सरपंच मनोहर सिंह के घर के समीप से निकल रही थी तभी मनोहर सिंह ने शवयात्रा को उसके घर के पास से निकलने का विरोध किया। उसका कहना था कि यह जमीन सरकारी नहीं है। इसका मालिक वह है।
माखन सिंह मेवाड़ा
ग्रामीण, खामलिया
मैंने कभी किसी शवयात्रा को मेरी जमीन से निकलने के लिए मना नहीं किया, लेकिन गांव के रमेश व उसके साथी जानबूझकर मेरे कंडों को कुचलकर निकल रहे थे। मैंने मना किया तो वह लड़ाई पर उतारू हो गए।
मनोहर सिंह मेवाड़ा
पूर्व सरपंच ग्राम खामलिया
शवयात्रा के दौरान ग्रामीणों के दो गुटों में पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले का पटाक्षेप किया और वृद्ध का सस मान अंतिम संस्कार कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अमित सक्सेना
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक


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