और 15 दिन बाद चला गया वो हमेशा के लिए ...............
-आंतकवादी हमले में शहीद हुआ सीहोर का सपूत
-पांच साल पहले सी आर पी एफ में हुआ था शामिल
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| शहीद ओमप्रकाश |
-शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
अमित कुईयासीहोर । बुधवार को जमू कश्मीर में हुए एक आंतकवादी हमले के दौरान पांच जवान जो शहीद हुए है उनमे से एक जिले के इछावर तहसील में रहने वाले ओमप्रकाश मकारिया भी उन लोगो में शामिल हो गए जिन्होंने अपने देश की रक्षा का संकल्प लेकर अपनी जान गवा दी,और देश की रक्षा का संकल्प लेकर जान गवाने वाले ओमप्रकाश वह संकल्प भूल गए जो उन्होंने आखरी वार 15 दिन पूर्व अपने परिजनों को दिया था की .....में घर जल्द वापस आऊंगा हलाकि वह तो वापस नहीं आये लेकिन उनके मौत की खबर जैसे ही उनके परिजनों को बुधवार शाम पांच बजे प्रशासनिक अधिकारियो से लगी मानो उन पर जैसे वज्र पात हो गया हो और उनकी सांसे जैसे थम सी गई हो और चेहरे इस बात को मानने से इंकार कर रहे हो की उनका कोई अपना हमेसा के लिए उनको छोड़ गया । यह नजारा था जिले की इछावर तहसील के उस गावं का जहा एक माँ का लाडला ,एक पत्नी का पति और और दो बच्चो का पिता उनको हमेसा के लिए अनायास ही छोड़ गया।
जिले की इछावर तहसील के छोटे से गावं जमुनिया ह्तेह्पुर में अब से पांच साल पहले देश की रक्षा का संकल्प लेकर 32 वर्षीय ओमप्रकाश मरकिया ने सी आर पी एफ बटालियन का हिस्सा बना। लेकिन 13 मार्च की सुबह अचानक बटालियन के शिविर पर हुए हमले में उसने अपनी जान गवा दी !जैसे ही उसकी मौत की खबर प्रशासनिक सूत्रों के जरिये उसके परिजनों को मिली तो मानो उनके होंस उड़ गए और पुरे ग्रामीण क्षेत्र में मानो इस खबर के तूफान के बाद के सन्नाटे सा माहोल खीच गया
गावं के हर छोर से निकली रुदन की आवाजे
जैसे ही शाम पांच बजे ओमप्रकाश के शहीद होने की जानकारी गावं के सरपंच रामनारायण को प्रशासनिक तंत्र ने दी वैसे ही यह बात हवा की तरह कुछ ही मिनटों में पुरे गावं सहित आसपास के क्षेत्रो में फ़ैल गई और मातम का माहौल छा गया । ओमप्रकाश के शहीद होने की सुचना गावं के सरपंच रामनारायण ने जैसे ही परिजनों को सुनाई वेसे ही शहीद ओमप्रकाश की पत्नी कोमलबाई गस्त खाकर जमीन पर गिर पड़ी और शहीद की माँ के तो मानो होश उड़ गए और कुछ ही मिनटों में इन सभी की तबियत बिगडऩे लगी जिसके बाद शहीद ओमप्रकाश की पत्नी की नाजुक हालत देखते हुए उसे इछावर अस्पताल पहुचाया गया और अभी उसका इलाज जिला अस्पताल सीहोर में चल रहा है इधर शहीद ओमप्रकाश की माँ और भाई ,बहनों की हालत भी इस मनहूस खबर को सुनने के बाद अचानक बुधवार की शाम बिगड़ गई और इन सभी को इछावर अस्पताल भर्ती कराया गया है।
शुक्रवार को शहीद का होगा अंतिम संस्कार
जिले के प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताविक जमू में आंतकवादी हमले में शहीद हुए सीहोर जिले के सपूत ओमप्रकाश का शव शुक्रवार को सेना के विशेस विमान से सुबह शहीद ओमप्रकाश के गावं ठेपुर जमुनिया लाया जाएगा । सूत्रों के मुताविक इसके लिए पूरी तैयारिया कर ली गई है साथ विमान की लैंडिंग के लिए आस्थाई हेलीपेड का निर्माण गुरुवार को कर लिया गया है । इस सबन्ध में जानकारी देते हुए इछावर एस डी ?म आर. आर चौधरी ने बताया की शुकर्वार को शहीद ओमप्रकाश का शव विमान से सुबह लाया जा रहा है जिसके बाद गावं में पुरे राजकीय समान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारिया की जा रही है ।
मुयमंत्री होंगे शामिल
अपूस्ठ सूत्रों से जानकारी यह भी सामने आ रही की जमू में शहीद हुए सीहोर जिले के सपूत ओमप्रकाश के अंतिम संस्कार में शुक्रवार को मुयमंत्री सहित प्रदेश के कई मंत्री भी शामिल होंगे
इनका कहना है
सी आर पी एफ के हवाले से जानकारी मिली है की शहीद ओमप्रकाश का शव शुकर्वार को विमान से इछावर आएगा ,शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारिया पूरी कर ली गई है ! यह बड़ी दुखद घटना है और इस दु:ख की घड़ी में हम सभी शहीद ओमप्रकाश के परिवार के साथ है और हम सभी जिले के और प्रदेश के वासी शहीद ओमप्रकाश की शहादत को सलाम करते है
कविन्द्र कियावत ,कलेक्टर सीहोर
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