25 हजार रूपए में एक रात की दूल्हन
जिले में शादी के नाम पर महिलाओं की तस्करी
.......................... ग्राम मगरखेड़ा से लौटकर (अमित कुईया )
सीहोर। मूक मवेशियों की तरह अब महिलाएं भी शादी के नाम पर बिकने लगी हैं। ऐसा ही एक मामला मगरखेड़ा में देखने को मिला है जहां मानव तस्कर गिरोह ने एक ग्रामीण को 25 हजार रूपए में एक महिला बेच दी, लेकिन वह महिला ग्रामीण के चुंगल से भागने का प्रयास कर रही थी पर ग्रामीण ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने महिला को खरीदने वाले ग्रामीण को फरियादी बनाते हुए महिला को आरोपी सिद्ध कर दिया और उसे जेल पहुंचा दिया है।
जिले में इन दिनों महिलाओं को अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। ऐसा ही एक हैरतअंगेज मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी अनुसार समीपस्थ ग्राम मगरखेड़ा निवासी कमलेश गौर आत्मज देवबगस गौर के पास गत दिनों दो पुरूष मनोहर एवं मानसिंह तथा एक महिला आशबाई आए थे। उन्होंने कमलेश को झांसा दिया कि वह अगर उन्हें 25 हजार रूपए दे तो वह एक महिला से उसकी शादी करा सकते हैं। अपनी पत्नी से अलगाव होने के बाद अकेले रह रहे कमलेश गौर ने उनकी बात सुनकर रजामंदी जाहिर कर दी तो अगले दिन मानसिंह, मनोहर और आशाबाई 24 वर्षीय एक महिला सीमाबाई को लेकर उसके पास आए।
और खरीद ली पत्नी
कमलेश ने सीमाबाई को देखने के बाद उससे शादी करने की मंजूरी देते हुए मानसिंह, मनोहर और आशाबाई के हाथ में 25 हजार रूपए रखते हुए सीमाबाई को खरीद लिया। इसके बाद वह तीनों लोग सीमाबाई और कमलेश को लेकर सीहोर जिला न्यायालय लेकर पहुंचे और एक वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट मैरिज करा दी। इसके बाद कमलेश अपनी नव विवाहिता सीमाबाई को लेकर अपने गांव मगरखेड़ा लौट आया और दोनों ने एक- दूजे के साथ रात गुजारी।
पर रास न आया साथ
खुद को 25 हजार रूपए में बेचे जाने से आहत सीमाबाई ने किसी तरह रात तो कमलेश के साथ गुजारी लेकिन अगले ही दिन उसने कमलेश से पीछा छुड़ाने के उद्देश्य से पेट दर्द का बहाना बनाया तो कमलेश उसे अपने साथ लेकर श्यामपुर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। उपचार के बाद जब कमलेश सीमाबाई को लेकर वापस गांव लौट रहा था तभी रास्ते में सीमाबाई ने उसके चुंगल से भागने का प्रयास किया, लेकिन कमलेश ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई और उन दोनों को पुलिस अपने साथ चौकी पर ले आई। पुलिस ने यहां कमलेश की शिकायत पर बेची गई महिला को ही आरोपी मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे बेचने वाले आरोपियों का सहभागी मानते हुए भादवि की धारा 384, 385, 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने सीमाबाई को पूछताछ के बाद जेल पहुंचा दिया है और उसे बेचने वालों की तलाश प्रारंभ कर दी है।
कमलेश को साफ बचाया
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने 25 हजार रूपए में महिला को खरीदने वाले कमलेश को आरोपी न मानते हुए फरियादी बनाया है, जबकि महिला की खरीद- फरोख्त के मामले में उस पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना था।
इ नका कहना है
पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महिला उस गिरोह की साथी है जो शादी के नाम पर लोगों को ठगते हैं। आरोपी महिला सीमाबाई को जेल पहुंचा दिया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
आलोक सोनी
श्यामपुर पुलिस चौकी प्रभारी
जिले में शादी के नाम पर महिलाओं की तस्करी
.......................... ग्राम मगरखेड़ा से लौटकर (अमित कुईया )
सीहोर। मूक मवेशियों की तरह अब महिलाएं भी शादी के नाम पर बिकने लगी हैं। ऐसा ही एक मामला मगरखेड़ा में देखने को मिला है जहां मानव तस्कर गिरोह ने एक ग्रामीण को 25 हजार रूपए में एक महिला बेच दी, लेकिन वह महिला ग्रामीण के चुंगल से भागने का प्रयास कर रही थी पर ग्रामीण ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। हैरत की बात यह है कि पुलिस ने महिला को खरीदने वाले ग्रामीण को फरियादी बनाते हुए महिला को आरोपी सिद्ध कर दिया और उसे जेल पहुंचा दिया है।
जिले में इन दिनों महिलाओं को अच्छे घर में शादी कराने का झांसा देकर बेचने वाला गिरोह सक्रिय है। ऐसा ही एक हैरतअंगेज मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी अनुसार समीपस्थ ग्राम मगरखेड़ा निवासी कमलेश गौर आत्मज देवबगस गौर के पास गत दिनों दो पुरूष मनोहर एवं मानसिंह तथा एक महिला आशबाई आए थे। उन्होंने कमलेश को झांसा दिया कि वह अगर उन्हें 25 हजार रूपए दे तो वह एक महिला से उसकी शादी करा सकते हैं। अपनी पत्नी से अलगाव होने के बाद अकेले रह रहे कमलेश गौर ने उनकी बात सुनकर रजामंदी जाहिर कर दी तो अगले दिन मानसिंह, मनोहर और आशाबाई 24 वर्षीय एक महिला सीमाबाई को लेकर उसके पास आए।
और खरीद ली पत्नी
कमलेश ने सीमाबाई को देखने के बाद उससे शादी करने की मंजूरी देते हुए मानसिंह, मनोहर और आशाबाई के हाथ में 25 हजार रूपए रखते हुए सीमाबाई को खरीद लिया। इसके बाद वह तीनों लोग सीमाबाई और कमलेश को लेकर सीहोर जिला न्यायालय लेकर पहुंचे और एक वकील के माध्यम से उनकी कोर्ट मैरिज करा दी। इसके बाद कमलेश अपनी नव विवाहिता सीमाबाई को लेकर अपने गांव मगरखेड़ा लौट आया और दोनों ने एक- दूजे के साथ रात गुजारी।
पर रास न आया साथ
खुद को 25 हजार रूपए में बेचे जाने से आहत सीमाबाई ने किसी तरह रात तो कमलेश के साथ गुजारी लेकिन अगले ही दिन उसने कमलेश से पीछा छुड़ाने के उद्देश्य से पेट दर्द का बहाना बनाया तो कमलेश उसे अपने साथ लेकर श्यामपुर स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। उपचार के बाद जब कमलेश सीमाबाई को लेकर वापस गांव लौट रहा था तभी रास्ते में सीमाबाई ने उसके चुंगल से भागने का प्रयास किया, लेकिन कमलेश ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई और उन दोनों को पुलिस अपने साथ चौकी पर ले आई। पुलिस ने यहां कमलेश की शिकायत पर बेची गई महिला को ही आरोपी मानते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और उसे बेचने वाले आरोपियों का सहभागी मानते हुए भादवि की धारा 384, 385, 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने सीमाबाई को पूछताछ के बाद जेल पहुंचा दिया है और उसे बेचने वालों की तलाश प्रारंभ कर दी है।
कमलेश को साफ बचाया
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| यह वह युवक कमलेश है जो शादी के नाम ठगा गया |
इ नका कहना है
पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई महिला उस गिरोह की साथी है जो शादी के नाम पर लोगों को ठगते हैं। आरोपी महिला सीमाबाई को जेल पहुंचा दिया गया है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
आलोक सोनी
श्यामपुर पुलिस चौकी प्रभारी


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