खेलों को खेल भावना से खेलों-श्रीमती अमिता अरोरा
सीहोर। खेलों में खेल की भावना से शिरकत करनी चाहिए। हार-जीत की नही सोचनी चाहिए। खेलों में भाग लेना ही बड़ी बात है। इस भावना के विकास और खेल-खिलाडिय़ों को बढ़ावा देने के लिए ही खेल प्रशिक्षण और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। यह बात स्थानीय बीएसआई मैदान पर जारी मेगा ग्रीष्म कालीन क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर में आए बड़ी संया में नन्हे-मुन्ने क्रिकेट खिलाडिय़ों को संबोधित करते हुए जिला जनपद सदस्य श्रीमती अमिता जसपाल अरोरा ने कही। क्रिकेट खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यहां पर अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। क्रिकेट कोच मदन कुशवाहा, टैंलेंट सर्च में शामिल अतुल कुशवाहा और क्रिकेट सचिन कीर की जमकर तारीफ करते हुए श्रीमती अरोरा ने कहा कि इन लोगों ने खिलाडिय़ों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के मकसद से जिले भर के करीब दो सौ पचास क्रिकेट खिलाडिय़ों के लिए बीएसआई खेल मैदान पर हर तरह की व्यवस्था की है। जिसमें खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को संवारने में जुटे है। उन्होंने खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित किया कि वे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाएं इसके लिए वे हर प्रकार की सुविधाएं जुटाएंगी। खेलों में आगे बढऩे के लिए खेल भावना का विकसित होना बेहद जरूरी है। गुरु ही सच्चे मायने में खिलाड़ी को खेल के बारे में बता सकता है, वह अपना सब कुछ त्यागकर खिलाड़ी को उसके अंदर छिपी प्रतिभा से रूबरू करवाता है। जिससे न केवल खिलाड़ी का हौसला बढ़ता है, अपितु उसकी खेल के प्रति रूचि बढ़ती है। उसका लक्ष्य रहता है कि वह गुरू द्वारा सिखाए गए रास्ते पर चलकर जीत हासिल कर खेल जगत में अपना व अपने देश का नाम रोशन करे। इस अवसर पर बड़ी संया में नन्हे-मुन्ने खिलाडिय़ों के हौसले बुलंद करने के लिए और उनको प्रोत्साहित करने के लिए तरनदीप सिंह अरोरा, मनोज दीक्षित मामा आदि शामिल थे।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें