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सोमवार, 25 जुलाई 2011

श्रावण के दूसरे सोमवार पर षिवालयों में उमडी भक्तों की भीड

-निकली भोले  की पालकी
आश्टा(ब्यूरो)। श्रावण मास षुरू होते ही आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर आज आश्टा नगर के षिवालयों में प्रातः से भक्तों की भीड भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, दर्षन, अभिशेक के लिए मंदिरों में पहुची। सैकडो भक्तों ने नगर के ऐतिहासिक एवं प्राचीन पार्वती के किनारें स्थित षंकर मंदिर पहुचकर भगवान भोलेनाथ के दर्षन पूजन भक्ति की। आश्टा नगर में हर वर्श की तरह इस वर्श भी नगर के बडा बाजार स्थित श्री गणेष मंदिर से भगवान भोलेनाथ की पालकी धूमधाम से निकली। जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुये पार्वती नदी किनारे स्थित षंकर मंदिर घाट पर पहुची। यहा पर भगवान भोलेनाथ की आरती, पूजन के बाद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया। पालकी मंे बडी संख्या में भक्तगण षामिल हुऐं जो भजन गाते हुये चल रहे थे।
  सावन महोत्सव षिव को समर्पित है, यह वर्षा काल भी है इस विषेष काल में प्रकृतिक रूप षिव का वंदन और पूजा में जलधारा बहुत ही शुभ फल देने वाली मानी गई है। षिव वैराग्य के अद्धुत आदर्ष है। सरल और सहज स्वरूप षिव अपने भक्त द्वारा अपनाएं पूजा के आसान उपायों और सामग्रियों से भी प्रसन्न हो जाते है। इसी कड़ी में भूतभावन भगवान भोलेनाथ के अतिप्रिय श्रावण मास में नगर की शान्ति, समृद्धि और विकास के लिए नगरपालिका अध्यक्ष डाॅ. मीना विनीत सिंगी ने नगर के प्राचीन शंकर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक ग्यारह ब्राह्मणों के सानिध्य में संपन्न करवाया गया। साथ ही श्रापण सोमवार के मौके पर नगर के प्राचीन शंकर मंदिर में मंदिर के पुजारी हेमंत गिरी ने भगवान भोलेनाथ का विषेष श्रृंगार महाआरती नपाध्यक्ष डाॅ. मीना विनीत सिंगी के द्वारा संपन्न कराई तथा महाप्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर महाआरती में काफी संख्या में षिवभक्तगणों ने भाग लिया।

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