आष्टा निप्रः. आए दिनों आष्टा तहसील में दुर्घाटनाओं में मौत आम बात हो गई है, लापरवाही किसी की भी हो लेकिन जिस परिवार का चिराग चला गया हो वह लोट कर नही आ सकता और ना ही उसकी कमी को कोई दूर कर सकता है, परिवार पर तो दुखः का पहाड़ टुट जाता है। इन दिनों रोज हो रही दुर्घानाओं का आखिर कर जुम्मेदार कौन है ? सेकड़ो वाहन ऐसे ना बालिक और बगैर लायसेन शुदा तेज व अंधी रफ्तार से दोड़ाते रहते हैं जिसे ना तो पुलिस देख पाती है ना आर.टी.ओ. विभाग को फुरसत है। दुर्घाटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल पहूॅच जाती हैं। आखिर इन दुर्घटनाओं पर कैसे अंकुष लगेगा। अगर आर.टी.ओ और पुलिस मिल कर प्रतिदिन वाहनों की चेकिंग करती है तो रोज़ दर्जनों वाहनो के ड्रायवर ऐसे मिल जाएगें। जिनके पास ना तो गाड़ी के कागज़ है और ना ही लाईसेंस और तो और ड्रायवरी करने की इनकी उम्र तक नही होती है। यही कारण है कि इन दिनों दुर्घटनाओं में कोई ना कोई मौत के मुहॅ में समा रहा है, तो कोई जिन्दगी और मौत के बीच अस्पताल में संघ्रष कर रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा ही आज सुबह तेज व अंधाधुंद, पीकप 407 एम.पी.09 जी.एफ. 3206 के चालक ने वाहन को तेजी व लापरवाही पूर्वक चलाते हुये एक मोटरसायकिल को पीछे से टक्कर मार दी। जिसमें वहिद खाॅ पिता गनी खाॅ निवासी पदमसी की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, वही उसका दोस्त महेन्द्र मालवीय गंभीर रूप से घायल हो गया जो भोपाल में भर्ती हैं।
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