-आखिर अब तक एस.पी. से क्यों छुपी गयी यह जानकारी
सीहोर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थित एफएसएल शाखा से पिछले 21 महिने से कैमरा और पेनड्राइव सहित अनेक सामग्री गायब हैं इस मामले की भनक पुलिस मुख्यालय को नहीं है न ही इस मामले में कोई पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भेजा गया है, हालांकि सितम्बर माह से इसमें एडीशनल एसपी जांच कर रहे हैं और जांच भी लगभग पूरी हो गई पर कार्यवाही कुछ भी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक सन् 2009 के अगस्त माह से एफएसएल शाखा में उपलब्ध निकोन कंपनी का कॉलफिक्स 3700 कैमरा गायब है इसके अलावा महत्वपूर्ण 120 एमबी की उमेक्स कंपनी की पेनड्राइव भी लापता है, इन दोनों महत्वपूर्ण सामग्री के अलावा इस शाखा से और भी छोटी मोटी सामग्रियां गायब है, जिसकी सुची मामले की जांच कर रहे एडीशनल एसपी सुनील मेहता के पास मौजूद है। हालांकि इस मामले में शाखा के प्रभारी अधिकारी ने एक आरक्षक पर आरोप लगाया था कि उसने इन सब वस्तुओं को गायब किया है पर एक साल की जांच के बाद किसी को भी दोषी न मानते हुए दोनों की जिम्मेदारी बताई गई, जबकि जांच दोषी को ढूंढने के लिए हो रही थी।
आखिरी बार किसके घर गया कैमरा
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिन्दू यह है कि आखिरी बार निकोन कंपनी का यह सरकारी कैमरा किसके घर गया और इस कैमरे से किसके परिवार के फोटो खीचें गए साथ ही वह कौन सी जगह थी जब इस कैमरे की स्क्रीन टूटी। उसके बाद से ही यह कैमरा वापस शाखा में नहीं आया और अब इस कैमरे को गायब होने को लेकर कहानियां गढ़ी जा रही हैं।
किससे होगी रिकवरी
नियमानुसार महकमे से गायब होने वाली वस्तुओं की रिकवरी उसी से की जाती है जिसकी जि मेदारी जांच के बाद तय होती है लेकिन इस मामले में दोनों ही व्यक्तियों की जि मेदारी तय भी कर दी गई है, जिससे यह समझा जाए कि अब दोनों ही कैमरे और अन्य सामग्रियों की राशि जमा करेंगे या फिर से जांच होगी।
इनका कहना है
मामले में जांच पूरी हो चुकी है और प्रतिवेदन पुलिस अधीक्षक महोदय को सौंप दिया है आगे की कार्यवाही वे ही करेंगे। सुनील मेहता, एडीशनल एसपी सीहोर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें