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रविवार, 19 जून 2011

बेहाल बांस वन ...उदासीन विभाग

.........लाखो की कार्ययोजना पर नहीं हुआ अमल ...
सीहोर-शहर का बांस बेहड़ा कभी अपनी सुन्दरता के लिए पुरे प्रदेश में पहचान रखता था लेकिन समय गुजरता गया और इसकी सुन्दरता धीरे -धीरे खत्म होती चली गई !जिसके पीछे वजह वन विभाग की इस की देखरेख में बरती गई उदासीनता रही ! अब आलम यह है की इस बांस वन में लगातार कटाई जारी है लेकिन इसकी सुध लेना वाला कोई नहीं है !
कभी शहर का बांस वन इंदौर -भोपाल का सफ़र करने वाले लोगो का ध्यान बरबस ही अपनी और खीचा करता था और इसकी सुन्दरता को एक बार निहार चुके लोग कभी भी इस बांस वन को भूल नहीं पाते थे !लेकिन समय के साथ यह वन अब अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है ! आलम यह है की पिछले लम्बे समय से वन विभाग की इस और बरती गई लापरवाही से कई पेड़ से तो सूखने की कगार पर है तो कई पेड़ो को लोगो ने काटकर अपने में लेना शुरू कर दिया है !
नहीं हुआ संरक्षण ....
वन विभाग ने शहर के इस बांस वन को संरक्षित करने के प्रयास भी कभी नहीं किये लगातार पुराने बांस सूखते चले गए और उनकी जगह नए बांस के पौधो को रोपित नहीं किया गया ! नतीजा में इनकी संख्या में भी लगातार गिरावट आती रही और अब स्तिथि यह गई है लम्बे क्षेत्रफल में फैला यह बांस वन सिमट कर रह गया है !
बनी थी कार्ययोजना नहीं हुआ अमल ....
ऐसा नहीं की बांस बेह्ड़े को संरक्षित करने की दिशा में कोई कदम प्रशानिक स्तर पर पहले नहीं उठाए नहीं गए हो लेकिन वन अधिकारियो के तबादलों के साथ इसके संरक्षण के लिए बनी कार्ययोजना ठन्डे बसते में चली गई !पूर्व में बांस के नए पोधौ का भी रोपण नए सिरे से उन स्थानों पर करने की भी योजना वन विभाग ने शुरू की लेकिन इस कार्ययोजना पर लम्बे समय अमल नहीं हुआ !
पार्क बनने की योजना भी थी ...
दो दशक पहले चर्च मैदान के पास फैले बांस वन में शासन स्तर पर पार्क बनने की योजना भी स्वीकृत हुई थी जिसके लिए उस समय लाखो रुपए की राशी का आवंटन हुआ था ! इस कार्ययोजना में उस समय इस बांस वन को संरक्षित करने के लिए लाखो रुपए की राशि स्वीकृत हुई ! इस कार्ययोजना में एक पार्क का निर्माण होना था साथ ही पर्यटकों के बेठने के लिए कुर्सिया भी लगनी थी !इस बांस वन को और  अधिक आकर्स्षित बनाने के लिए यहाँ बच्चो के मनोरजन के लिए झूले लगाने का प्रस्ताव भी था ! लेकिन अफसरशाई की सुस्त रवैये के कारन शासन स्टार से आई यह लाखो की राशि बिना उपयोग के ही लेप्स हो गई !
 इनका कहना है ...
 बांस वन को संरक्षित  करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे है , जल्द ही एक विस्तृत कार्ययोजना बनाकर इस पर अमल किया जायेगा साथ ही बांसों के नए पौधे भी रोपे जांयगे !
                                           विजय नीमा ,डी.ऍफ़.ओ . सीहोर

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