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सोमवार, 20 जून 2011

सामाजिक न्याय विभाग के ठेंगे पर" सुचना का अधिकार कानून"

सीहोर(अमित कुईया)
-मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से जुडी जानकारी देने में कतरा रहा विभाग
जनहित से जुडी आबश्यक जानकारी देने के लिए बना सुचना का अधिकार कानून अब मुख्यमंत्री शिवराज शिंह चौहान के ग्रह जिले  सीहोर में ही अफसर शाही के ठेंगे पर है !आलम यह की प्रदेश सर्कार की महेत्व्पूर्ण योजना में शुमार कन्यादान योजना से जुडी जानकारी देने में सामाजिक न्याय विभाग कन्नी कट रहा है! जिससे साफ है की इस योजना में मुख्य मंत्री  के ग्रह जिले में जमकर गड़बड़झाला हुआ है और अब अधिकारी इसे छुपाने के प्रयास कर रहे है !
   मुख्येमंत्री के ग्रह जिले सीहोर में कन्या दान योजना से जुडी जानकारी मांगने का प्रयास पिछले दिनों एम्.पी.हलचल ने किया जिसके पीछे वजह इस योजना का जयाजा लेने की थी लेकिन विभागीय अधिकारियो ने योजना से जुडी जानकारी देने में जब न नुकुर करना शुर्रू की  तो यह बात साफ हो गई की योजना में धान्द्ली हुई  है और अधिकारी अब इससे जुडी जानकारी सार्वजानिक करने में कतरा रहे है !
   आवेदन के बाद घबराहट ...नहीं दी जानकारी
इस योजना से जुडी जानकारी जब सुचना के अधिकार कानून के जरिये आवेदन देकर मांगी गई तो विभागीय अधिकारियो ने बमुश्किल आवेदन तो ले लिया लेकिन कुछ  दिनों के बाद जानकारी देने की बजाये  पत्रवाहक   के हाथ  एक  नोटिस  के जरिये जानकारी देने में असमर्थता   जताई और कह दिया की यह जानकारिया सीधे तोर  पर उन जनपद पंचायतो  से ली जाये जहा कन्यादान योजना से जुड़े आयोजन हुए है !
  भुगतान हो गया पर जानकारी नहीं  ...
इस मामले में सबसे मजेदार पहेलु यह है मुख्यमंत्री कन्या दान योजना का सञ्चालन का जिम्मा जिले स्तर पर सामाजिक न्याय विभाग के अधीन है !योजना की मोनिटरिंग कर रहे विभाग के अधिकारियो ने इस योजना पर किये गए खर्च की जानकारी सार्वजनिक करने में फिर  क्यों कतरा रहे है ?यह सवाल बड़ा है ?जब आयोजन से जुड़े समस्त खर्च का भुगतान विभागीय अधिकारियो द्वारा किया गया है तो  जाहिर सी बात है आयोजन से जुडी समस्त फाइल विभाग के पास मुख्यालय पर मौजूद होगी !फिर ऐसे कौन सी वजह है की अब विभागीय अधिकारी योजना से जुडी आवश्यक जानकारी खुद न देते हुए यह जानकारिया जनपद स्तर पर देने की बात कह रहे है !
   

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