-10 डॉक्टर मिले नदारद .कलेक्टर के सामने आया अस्पताल का बिगड़ा रवैया
-सिविल सर्जन से मांगा स्पष्टीकरण
सीहोर : 28 जून, 2011
कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सोमवार 27 जून को शाम साढ़े पांच बजे जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चार विशेषज्ञ और छ: सहायक चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा छ: चिकित्सकों के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गोयल ने सिविल सर्जन डॉ.टी.एन.चतुर्वेदी से सात दिवस में स्पष्टीकरण देने का कहा है।
कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सोमवार को अचानक जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और चिकित्सीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थिति पंजी का निरीक्षण किया जिसके अनुसार विशेषज्ञ डॉ. पी.एस.आर्मो, डॉ. आर.के.गुप्ता, डॉ. एस.के.जैन, डॉ. प्रशांत जैन, सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीमती एम.सक्सेना, डॉ. श्रीमती मालती आर्य, डॉ. अशोक मांझी, डॉ. श्रीमती मनुहार सक्सेना, डॉ. गरिमा नामदेव और डॉ. सुजाता परमार अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 6 चिकित्सकों के उपस्थिति पंजी में विभिन्न दिनांकों में हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इनमें डॉ. ए.ए.कुरैशी (20 से 25 जून,11), डॉ. मंजू सक्सेना (23 से 25 जून,11), डॉ. यू.के.श्रीवास्तव (16 से 25 जून,11), डॉ. जयप्रकाश परमार (25 से 27 जून,11), डॉ. प्रफुल्ल हेडाव (1जून से 27 जून,11) और डॉ. शैलजा तिवारी (24 से 27 जून,11) शामिल हैं।
यह कमियां पाई गई
कलेक्टर डॉ.संजय गोयल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जिला चिकित्सालय में डॉ. अर्गल उपस्थित तो मिले किन्तु अपने ओपीडी कक्ष में नहीं थे। उनके कक्ष में लाईट,पंखे बंद थे तथा वहां कोई मरीज भी नहीं था। ओपीडी के बाहर ड्यूटी पर नियुक्त वार्ड ब्याय श्री आशीष ड्रेस में नहीं था। एसएनसी यूनिट में अंदर 5-7 व्यक्ति अनावश्यक रूप से खडे पाए गए। एसएनसी यूनिट में डाक्टर्स का ड्यूटी रोस्टर मनमाने तरीके से एवं डाक्टर्स को लाभ पहुंचाने के हिसाब से बनाना पाया गया। एसएनसी यूनिट में कार्यरत कर्मचारियों ने मास्क व हेड नहीं पहने थे। एसएनसी यूनिट में कुल कितने बच्चे भर्ती हैं यह ड्यूटी डाक्टर नहीं बता सके और न ही भर्ती बच्चों की फाईल व्यवस्थित मिली। बच्चों की गिनती कर बताया गया कि कुल 31 बच्चे हैं। जिला चिकित्सालय में कोई भी डाक्टर एवं अन्य स्टाफ ड्रेस में नही पाया गया। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गोयल ने सिविल सर्जन से सात दिवस में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है। कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि समयावधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी। -सिविल सर्जन से मांगा स्पष्टीकरण
सीहोर : 28 जून, 2011
कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सोमवार 27 जून को शाम साढ़े पांच बजे जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चार विशेषज्ञ और छ: सहायक चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा छ: चिकित्सकों के उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर डॉ. गोयल ने सिविल सर्जन डॉ.टी.एन.चतुर्वेदी से सात दिवस में स्पष्टीकरण देने का कहा है।
कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सोमवार को अचानक जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया और चिकित्सीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपस्थिति पंजी का निरीक्षण किया जिसके अनुसार विशेषज्ञ डॉ. पी.एस.आर्मो, डॉ. आर.के.गुप्ता, डॉ. एस.के.जैन, डॉ. प्रशांत जैन, सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीमती एम.सक्सेना, डॉ. श्रीमती मालती आर्य, डॉ. अशोक मांझी, डॉ. श्रीमती मनुहार सक्सेना, डॉ. गरिमा नामदेव और डॉ. सुजाता परमार अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा 6 चिकित्सकों के उपस्थिति पंजी में विभिन्न दिनांकों में हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इनमें डॉ. ए.ए.कुरैशी (20 से 25 जून,11), डॉ. मंजू सक्सेना (23 से 25 जून,11), डॉ. यू.के.श्रीवास्तव (16 से 25 जून,11), डॉ. जयप्रकाश परमार (25 से 27 जून,11), डॉ. प्रफुल्ल हेडाव (1जून से 27 जून,11) और डॉ. शैलजा तिवारी (24 से 27 जून,11) शामिल हैं।
यह कमियां पाई गई
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें